

आपकी सोच ही सफलता की सीढ़ी है - प्रकाश बी. जैन
''सन १९७३ : एक २२ वर्षीय युवा सूर्य के प्रकाश में अपने उज्ज्वल भविष्य के सपनों को देखते हुए उन सपनों को पूरा करने की सोच पर पहले कदम को बढ़ाने की योजना बना रहा था। सन २०१६:एक सफल उद्योगपति, समाजसेवी, तीन प्रतिभावान पुत्रों के पिता और पांच पोते पोतियों के दादा ६५ वर्षीय प्रकाश भूरमलजी जैन आज भी उसी युवा जोश और उत्साह से लबालब अपनी सोच को सच में तब्दील होने की संतुष्टि का आनंद लेते दिखाई देते हैं। प्रकाश भूरमलजी जैन। जन्म १.१.१९५१ - साल के पहले दिन और ५१ के शगुन पर जन्मे, सदैव


पृथ्वीराज कोठारी - यूं ही नहीं कोई बनता बुलियन किंग
बड़े सपने देखने का शौक तो हर किसी को हो सकता है, लेकिन उन सपनों को पूरा करने की मेहनत, हिम्मत और कोशिश केवल वो ही कर पाते हैं, जिनकी सोच बड़ी होती है। सभी जानते हैं कि बड़ी सोच का जादू भी बड़ा होता है। लेकिन इस जादू को सफलता के साथ सहजता स्वरूप में साकार करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। क्योंकि साहस के साथ अपनी बड़ी सोच को वास्तविकता के धरातल पर अपने सबसे बड़े स्वरूप में साकार करने का मादा भी हर किसी में नहीं होता। मगर, पृथ्वीराज कोठारी में वो हर बात बचपन से ही है, जो किस


राकेश मेहता - जिंदगी को जीतकर बने सफल विजेता
राकेश मेहता किसी ने बिल्कुल ठीक कहा है कि हम चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, कितनी भी मेहनत कर लें, जिंदगी हमें आखिरकार उसी रास्ते पर ले जाती है, जिसके लिए हमको लगता है कि हम तो उस रास्ते पर चलने के लिए बने ही नहीं थे। पर जिंदगी तो जिंदगी है, वह थकती नहीं है, रुकती नहीं हैं। इसलिए अगर हम ठान लें, और मजबूती से डटे रहें, तो कई बार जिंदगी भी खुद हमारे रास्ते पर हमारे साथ चल पड़ती है। क्योंकि ऊपरवाले ने जिंदगी को जो समझ बख्शी है, वह हमारी जिंदगी की मुश्किलें, मुकाम और मंजिल सब जानती















