जोधपुर में नेत्रहीन छात्रों के लिए ‘मोतीलाल ओसवाल ज्ञानदीप भवन’ और ‘मोतीलाल ओसवाल ज्योतिसदन’ का शिलान्यास
- Yogi Bhandari
- 4 days ago
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अमित शाह और भजनलाल शर्मा ने मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन को किया सम्मानित
शताब्दी गौरव
जोधपुर। शताब्दी गौरव राजस्थान के जोधपुर में एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने संयुक्त रूप से नेत्रहीन छात्रों के लिए दो महत्वाकांक्षी परियोजनाओं ‘मोतीलाल ओसवाल ज्ञानदीप भवन’ (कॉलेज भवन) और ‘मोतीलाल ओसवाल ज्योतिसदन’ (कन्या छात्रावास) का शिलान्यास किया। यह समारोह नेत्रहीन विकास संस्थान, चोखा में आयोजित हुआ, जहाँ मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के चेयरमैन मोतीलाल ओसवाल को इन परियोजनाओं के लिए विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
ये दोनों भवन नेत्रहीन छात्रों को उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करने के उद्देश्य से बनाए जा रहे हैं। ज्ञानदीप भवन राजस्थान का पहला डिग्री कॉलेज होगा, जो नेत्रहीन छात्रों के लिए हिंदी साहित्य, इतिहास, राजनीति विज्ञान, संस्कृत, संगीत और समाजशास्त्र जैसे विषयों में स्नातक पाठ्यक्रम प्रदान करेगा। यह 1580 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला होगा, जिसमें 10 आधुनिक कक्षाएं होंगी। वहीं, ज्योतिसदन कन्या छात्रावास 1750 वर्ग मीटर में बनेगा, जिसमें 28 कमरे होंगे। यहाँ देशभर से आने वाली नेत्रहीन छात्राओं को मुफ्त आवास, भोजन और परिवहन सुविधा मिलेगी। कुल मिलाकर ये सुविधाएं 250 छात्रों को लाभान्वित करेंगी, जिसमें ब्रेल संसाधन, स्क्रीन रीडर, ई-लाइब्रेरी और सांस्कृतिक-स्पोर्ट्स गतिविधियाँ शामिल होंगी। समारोह में संस्थान की संस्थापक अध्यक्ष श्रीमती सुशीला बोहरा, अनिल बोहरा (पारसमल बोहरा कॉलेज के चेयरपर्सन) और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
नेत्रहीन विकास संस्थान की स्थापना 1977 में श्रीमती बोहरा ने मात्र दो बच्चों से की थी, जो आज आठ संस्थानों में 1250 से अधिक छात्रों को नेत्र, श्रवण, वाणी और विकास संबंधी विकलांगताओं के बावजूद शिक्षा और कौशल प्रदान कर रहा है। शिलान्यास के दौरान मोतीलाल ओसवाल ने कहा, “Learn Earn & Return” ‘सीखो, कमाओ और लौटाओ’ दर्शन हमेशा हमें मार्गदर्शन करता है। शिक्षा समानता और सशक्तिकरण का आधार है। जोधपुर में ये सुविधाएँ इसलिए हैं ताकि नेत्र दोष कभी शिक्षा या व्यावसायिक सफलता में बाधा न बने। फाउंडेशन के ट्रस्टी रामदेव अग्रवाल ने कहा, हम जहाँ सबसे ज्यादा जरूरत हो, वहाँ निवेश करते हैं। इन संस्थानों से नेत्रहीन युवाओं को उच्च शिक्षा का अवसर मिलेगा, ताकि वे स्वतंत्र जीवन जिएँ। श्रीमती सुशीला बोहरा ने भावुक होकर कहा, ऐसा दान जो आने वाली पीढिय़ों को रोशनी देता है। मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन का सहयोग सराहनीय है, और हम आशा करते हैं कि ये सिलसिला जारी रहेगा।
मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन भारत भर में समावेशी शिक्षा और सामुदायिक विकास में अपनी मजबूत विरासत रखता है। ये परियोजनाएँ न केवल नेत्रहीन छात्रों का जीवन बदलेंगी, बल्कि समाज में समानता की नई मिसाल कायम करेंगी।













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