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  • सेलो ग्रुप के सीएमडी प्रदीप राठोड ने 25 करोड़ रुपए के निवेश का एमओयू किया

    सादड़ी में सेलो फाउंडेशन 13 करोड़ से बनाएगा कॉलेज जिले के गल्र्स स्कूलों के विकास में भी 12 करोड़ रुपए खर्च करेंगे शताब्दी गौरव। पाली। जिले को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सुविधा मिलने वाली है। जयपुर में हुई राइजिंग राजस्थान एजुकेशन प्री समिट में सेलो ग्रुप के सीएमडी प्रदीप राठोड द्वारा 25 करोड़ के एमओयू पर साइन हुए। श्री राठोड सादड़ी में कॉलेज के लिए 13 करोड़ व जिले के गल्र्स स्कूलों के विकास के लिए 12 करोड़ रुपए खर्च करेंगे। शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में अधिक से अधिक निवेश व सहयोग के लिए भामाशाहों को आकर्षित करने राइजिंग राजस्थान प्री समिट जयपुर में हुई। इसमें 507 एमओयू हुए। सीएम भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में सेलो ग्रुप के सीएमडी प्रदीप राठोड के प्रतिनिधि के रूप में भाजपा नेता नरेश ओझा ने एमओयू पर साइन किए। डिप्टी सीएम प्रेमचंद्र बैरवा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर सहित अधिकारीगण मौजूद थे। गोविंद व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि सादड़ी में 13 करोड़ से कॉलेज का निर्माण सेलो ग्रुप कराएगा। इसमें कॉलेज भवन से लेकर खेल मैदान, लाइब्रेरी, हॉल से लेकर सभी आधुनिक सुविधाएं होगी। कॉलेज पूरी तरह से हाईटेक होगी। इसमें वाई फाई से लेकर सभी सुविधाएं होगी। ऑनलाइन कक्षाओं से लेकर सभी विषयों के एक्सपर्ट की सेवाएं ले सकेंगे। पूरा कॉलेज परिसर 20 बीघा में बनाएगा। इससे आसपास के गांवों के बच्चों को सादड़ी में बेहतर उच्च शिक्षा मिल सकेगी। इसके अलावा दूसरा 12 करोड़ का एमओयू किया है। उसमें जिले की सभी गल्र्स स्कूल में बेसिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। क्लास रूम से लेकर इंटरनेट, फर्नीचर से लेकर टायलेट तक की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सेलो ग्रुप ने जिला समिट में 500 करोड़ के निवेश का एमओयू किया जिला समिट पिछले दिनों फालना में हुई थी। इसमें सेलो ग्रुप 500 करोड़ का निवेश करेगा। इसमें सांडेराव के पास औद्योगिक पार्क 250 करोड़ से बनाया जाएगा। इसे लेकर प्रभारी मंत्री से लेकर कैबिनेट मंत्री सहित प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में एमओयू हो गया है। पाली जिले में पहली बार इस प्रकार का बड़ा प्रोजेक्ट में आ रहा है।

  • युवा प्रतिभा, सकारात्म सोच और सफलता की मिसाल

    अनिल जैन जिन्होंने अपने बूते पर बनाया अपना आसमान और मिली सही समय पर सही निर्णय लेनेवाले युवा उद्यमी की पहचान प्रतिभा किसी प्रोत्साहन की मोहताज नहीं होती। वह तो फूल की तरह खिलती है। खुशबू की तरह महकती है। हवा की तरह बहती है। और खूबसूरती की तरह हर किसी को अपना दीवाना बना देती है। प्रतिभा दरअसल एक खजाना होती है, जो निखरती है अपने आप। उसे किसी की सहायता, किसी के सहयोग और किसी के भी पीछे चलने की जरूरत नहीं होती। प्रतिभा तो बरसात के उस बादल की तरह है, जो बरसती है, जो धरती को पूरी तरह से भिगो देती है। सांचौर चेन्नई निवासी युवा उद्यमी अनिल जैन की प्रतिभा भी कुछ कुछ ऐसी ही है, जिसने निखरना शुरू किया, तो न तो अनिल जैन को रुकने दिया, न थमने दिया और न ही पीछे मुडक़र देखने दिया। आज अनिल जैन जिंदगी के जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुंचने में केवल और केवल उनकी प्रतिभा का कमाल है। उनके जितनी उम्र में लोग सफलता के सपने देखते हैं। लेकिन यह अनिल जैन की किस्मत का कमाल है कि आज हजारों लोग उनकी तरह से सफल होने के सपने पाल रहे हैं।    हर मामले में बिजली से भी ज्यादा तेजी से सोचनेवाले और अंतिम लक्ष्य को साधने का निर्णय लेनेवाले अनिल जैन का जन्म चेन्नई में एक व्यवसायी परिवार में हुआ। मूल रूप से सांचोर (राजस्थान) निवासी ताराचंद जैन एवं उगमदेवी जैन के पुत्र अनिल जैन का विवाह सन 1999 मे डिंपल जैन के साथ हुआ। व्यवसायिक सफलता के सूत्र अनिल जैन अपने बेटे यश जैन को उसी तरह संस्कार में दे रहे है, जैसे उन्हें अपने माता-पिता से विरासत में मिले। एक छोटा भाई और 2 बहने हैं। भाई की शादी हो चुकी है और एक बेटा है। दोनों बहनें राजरतन और रत्नमणि का विवाह अहमदाबाद में हुआ है। पिताजी अपने बड़े भाई के साथ यहां पर आये थे। मैने व्यापार में जब कदम रखा तो मेरे पिताजी और बड़े पिताजी साथ मे व्यापार कर रहे थे, मैंने उनसे व्यापार की बारीकियां सीखी। वो हमेशा मुझे सही रास्ता दिखाते थे। सन 2007 में उन्हें 'द टाइम्स ऑफ इंडियाÓ की ओर से सम्मान मिला और 2008 में वे केलटेक रेफ्रिजरेशन, सिंगापोर द्वारा विश्व के 100 उद्योगपतियों के साथ सम्मानित किये गए। सन 2009 में अनिल जैन को 'टाइम्स यंग एन्टरप्रेन्योर अवॉर्डÓ मिला और सन 2018 में उन्हें राजस्थान युवा रत्न सम्मान से विभूषित किया गया। वे औद्योगित विकास की संस्था एसोचैम की एपेक्स बॉड़ी में सन 201६ से 20२० तक कमेटी मेंबर रहे और सीआईआई, में भी वे सक्रिय हैं। देश में रेफ्रिजरेशन से संबद्ध कई संस्थाओं में भी वे अग्रणी पदों पर काम कर रहे हैं, साथ ही राजस्थान सोलार असोसिएशन के संस्थापक सदस्य व इंडो जर्मन चैंबर ऑफ कॉमर्स के भी सदस्य हैं। अभिनव और नए विचार देनेवाली पुस्तकें पढऩे के शोकीन अनिल जैन दुनिया भर में जैन समाज की सबसे बड़ी संस्था जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) के 2016 से 2018 तक सेक्रेटरी रहे और जीतो एपेक्स में वे 2020 तक के लिए जनरल सेक्रेटरी हैं। इसके साथ ही जीतो की सहयोगी संस्थाओं जैन एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रेनिंग फाउंडेशन एवं श्रमण आरोग्यम में भी वे संरक्षक सदस्य हैं। जिन जगहों के बारे में लोग कम जानते हैं, वहां घूमने के शौकीन अनिल जैन देश भर के 120 गांवों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति करनेवाले संगठन उगता फाउंडेशन के संस्थापक हैं। युवा पीढ़ी के अपने साथियों के लिए उनका कहना है कि नई पीढ़ी बहुत अलग तरीके से सोचने लगी है। लेकिन जो भी काम करें, वह जीवन मूल्यों के साथ करेंगे, तो ही सफल हो सकते हैं। नई पीढ़ी को परंपरागत धारणा से हटकर कुछ करना होगा। हमारे पिता या दादाजी जो काम जिस तरीके से पहले से करते रहे हैं, हम भी वही काम उसी तरीके से कर लें, यह धारणा छोडक़र कुछ नया करनेवाले ही तेजी से आगे बढ़ते हैं। वे 42 साल के हैं, युवा हैं और उर्जावान हैं। और सबसे बड़ी बात यह है कि वे अपनी उम्र के युवा साथियों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। 13 सितंबर 1976 को जन्मे अनिल जैन हमेशा से ही खुद को एक तेजजर्रार उद्यमी के रूप में देखने के लिए आतुर थे। और उसी आतुरता ने उन्हें आज बहुत ही कम समय में इस मुकाम पर पहुंचाया। परिवार के बारे में जाने, तो पिता और चाचा 60 के दशक के अंत में चेन्नई आ गए थे और ऑटोमोबाइल फाइनेंस बिजनेस के साथ शुरुआत की और वर्षों से धीरे-धीरे स्टेनलेस स्टील उद्योग से जुडक़र बहुत आगे चले गए। उन्होंने मद्रास मेटल एंड रेफ्रीजेशन के नाम से 1976 में एक कंपनी की शुरुआत की और सन 1980 में बॉम्बे मेटल्स के नाम से दूसरी बड़ी शुरूआत करके अपने व्यापार को काफी विस्तार दिया। लेकिन अनिल जैन ने देखा कि 90 के दशक के आखिर में उनके पिता और चाचा व्यावसायिक तौर पर अलग हो रहे हैं, तो उन्होंने मन बना लिया कि पिताजी को पूरी तरह से व्यापार में सहायता की जाए। दो में से एक कंपनी बॉम्बे मेटल उस बंटवारे में अनिल जैन के पिताजी के हिस्से में आई और वे अपने स्कूल के दिनों से ही पिता के व्यवसाय में सक्रिय रुचि लेने लगे। अनिल जैन हर सप्ताहांत यानी शनिवार को व्यापार से संबद्ध यात्रा पर निकल जाते थे और देखते थे कि उनके पिता का व्यापार कैसे संचालित होता है। उन्होंने चेन्नई के डीएवी हायर सेकेंडरी स्कूल, से अपनी स्कूली पढ़ाई की और लोयोला कॉलेज से बीकॉम किया। अनिल जैन ने अपने शुरूआती काल में ही जीवन में एक बात बहुत गहरे दिमाग में स्थापित कर ली थी कि अपने सभी कार्यों के लिए हम स्वयं ही उत्तरदायी होते हैं। सो, अनिल जैन जीवन के सारे काम पूरी जिम्मेदारी से करते रहे। उन्होंने धीरे-धीरे व्यापार सीखना शुरू कर दिया और सन 2000 के दशक के अंत तक अपने पिता की मदद करना शुरू कर दिया। यह वह समय था, जब उन्हें अपने पिता के पारंपरिक व्यापार की बहुत सारी जानकारियां सीखनी थी। लेकिन जिंदगी तो जिंदगी है, सफलता के लिए वह हर व्यक्ति से कुछ अलग और कुछ खास किस्म की अपेक्षा रखती है। सो, अनिल जैन ने भी देखा कि जिंदगी तो उनसे कुछ विशिष्ट अपेक्षाएं पाल रही हैं, तो वे पिता के व्यवसाय में उनका साथ देते देते शुरूआती समय में ही व्यापार के हर विषय में निर्णय लेने के मामले में स्वतंत्र हो गए। और जिंदगी में कुछ करने और कुछ बनने की कोशिश में उन्होंने शेयर बाजार में कारोबार किया और कॉलेज में पढ़ाई के दौरान जीन्स और टी-शर्ट का धंधा भी किया। वह अपने जीवन स्तर को उंचा उठाने के लिए अपना पैसा कमाना चाहते थे। इस बारे में कुछ करने और आगे बढऩे की आकांक्षा में उन्होंने अपने पिताजी का पारंपरिक पारिवारिक व्यवसाय छोड़ दिया और अपने बूते पर अपना आसमान रचने के लिए कुछ नया काम शुरू करने के लिए निकल पड़े। सन, 2002 में अनिल जैन ने रेफिक्स रेफ्रिजरेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रेफ्रिजरेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया, और कंपनी को लेकर शेयर बाजार में उतरे जो उस जमाने में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर सूचीबद्ध हुई। तमिलनाड़ु के कांचीपुरम जिले के थिरुपुरुर स्थित महाबलीपुरम रोड पर उत्पादन इकाई की स्थापना की, जो बहुत जल्द ही मार्केट लीडर बन गई थी। सन 2005-06 तक अनिल जैन की रेफिक्स कंपनी ने 44त्न बाजार पर कब्जा कर लिया और एक तरह से  रेफ्रिजरेंट गैस के क्षेत्र में बाजार पर आधिपत्य जमा लिया। अनिल जैन की जिंदगी में यह वो वक्त था, जब उनके आसपास के लोग ही उनको सबसे व्यस्त व्यक्ति के रूप में जानने लगे थे। इसके बाद अनिल जैन ने पीछे मुडक़र नहीं देखा। वे लगातार सफल होते रहे। अनिल जैन मानते हैं कि हम जो भी काम करते हैं, उसके बारे में पूर्ण रूप से व्यावहारिक और तथ्यात्मक बनें। और एक बार जब हम अपने में कुछ करने के गुण देख लेते हैं, तो उसे आगे बढ़ाना चाहिए। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह काम क्या है। अपनी इसी सोच के कारण ही अनिल जैन ने, अपने पिता के परंपरागत व्यापार से अलग अपनी दुनिया का निर्माण किया। सन 2008 में  उन्होंने एक सौर उर्जा से संबद्ध कंपनी रेफेक्स एनर्जी शुरू की, इस कंपनी का उद्धेश्य भारत को उर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है हाल ही में रेफेक्स ने सन एडिसनस (ए ग्लोबल सोलर कंपनी) सोलर वाटर पम्प्स एंड रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन बिजऩेस को लेने के पीछे इसे बढ़ावा देना बड़े कारोबार के रूप में विकसित करना है। अनिल जैन मानते हैं कि विद्युतीकृत गांव का मतलब ये नही है कि हर घर मे बिजली पहुच चुकी है। अभी भी भारत के 40 लाख घरों में बिजली नही पहुची है। और इन घरों में बिजली जल्द से जल्द पहुंचाने के लिये अनिल जैन बहुत सारी राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। साथ ही इनकी कंपनी ने एक प्लांट भी बनाया है, जिसमे सोलर वाटर पंप को ग्रिड से जोडक़र किसानों के लिए तैयार किया है जिसमे एक मीटर भी रहेगा और किसान इसके माध्यम से अतिरिक्त कमाई भी कर सकेंगे। ये पूरा काम बिना किसी ग्रांट या सब्सिडी के हो रहा है। ये एक ऐसा राष्ट्रीय प्रोजेक्ट है जिससे लाखों किसानों को फायदा होगा। इस प्रोजेक्ट के द्वारा कंपनियों से 30 प्रतिशत बिजली की बचत होगी जोकि किसानों के काम आएगी। तकनीक में गहन रुचि के कारण अनिल जैन ने 2015 में एजे वेंचर्स और निवेश शुरू करने का मौका हाथ से जाने नहीं दिया। यह कंपनी भारत में स्टार्ट्स अप को पूंजीगत सहायता उपलब्ध कराती है। अनिल मानते हैं कि जिंदगी कोई सौ मीटर की रेस नहीं है, वह तो बहुत लंबी होती है। जितना लंबा चलोगे, चुनौतियां उतनी ही बड़ी होती जाएंगी। लेकिन चुनौतियां से किसी को डरने की कोई जरूरत नहीं है। दरअसल चुनौतियां हमें नए रास्ते दिखाती है। इन्हीं चुनोतियों से जूझकर अनिल जैन ने अपनी जिंदगी को इस खास मुकाम पर पहुंचाया है। अपनी सफलता की कहानी बताते हुए अनिल जैन जिंदगी के इस मुकाम का सारा श्रेय अपनी टीम को देते हैं। देखा जाए, तो वास्तव में अनिल जैन की सबसे बड़ी ताकत उनकी टीम ही है। उन्होंने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित करने की कोशिश की है। उनका कहना है कि कामं करनेवाले को स्वतंत्र रूप से उस कंफर्ट जोन में तनाव महसूस किए बिना काम करने दो। ताकि वे नए विचारों के साथ आगे आएं और बिना किसी दबाव के वे सही निर्णय ले सकें। अपनी कंपनी में अनिल जैन ने सभी के लिए स्वतंत्र रूप से विकसित होने का माहौल बनाया, और कंपनी के प्रति अपनी वफादारी को मजबूत किया। और वे हर काम में हर तरह से हमेसा अपने साथियों के साथ खड़े रहते हैं। देश और दुनिया में युवा पीढ़ी के लिए मिसाल के रूप में देखे जानेवाले अनिल जैन हमेशा से सकारात्मक सोच के धनी रहे। वे मानते हैं कि सकारात्मक सोच ही सफलता के रास्ते आसान कपती है। वे बहुत तेजी से फैसले लेते है। अनिल जैन मानते हैं कि युवा पीढ़ी में बहुत उर्जा है और इस पीढ़ी को समय की कीमत समझते हुए सही समय पर सही फैसले लेकर इसका सदुपयोग करना चाहिए। क्योंकि समय यदि हाथ से निकल गया, तो फिर हम कुछ नहीं कर सकते। शताब्दी गौरव के बारे में उनका कहना है कि इस तरह से समाचार पत्र समाज के लिए स्तंभ का काम करते हैं। समाज का पूरा ताना बाना सकारात्मक सोचवाले लोगों पर ही टिका है और शताब्दी गौरव समाज के अच्छे काम करनेवालों को प्रोत्साहन देता रहा है।

  • श्री आत्म वल्लभ जैन सेवा मंडल सादडी (राणकपूर) की मेनेजिंग कमिटी २०२४-२७

    मुंबई। श्री आत्म वल्लभ जैन सेवा मंडल सादड़ी (राणकपुर) के त्रैवार्षिक चुनाव (2024-27) गत दिनों राजस्थान हॉल, गोरेगांव में सम्पन्न हुए जिसमे सर्व सम्म्मति से वसंत जावंतराजजी रांका के अध्यक्ष चुना गया। अध्यक्ष मनोनित होने पर वसंत रांका ने 1 सप्ताह में विचार विमर्श कर कार्यकारणी बनाने की घोषणा की थी। श्री रांका ने अपनी कार्यकारणी की घोषणा की जिसमे उपाध्यक्ष विकास पुखराजजी रतनपारिया चौहान, सचिव  श्रेणिक मोहनलालजी जैन, उप सचिव जयंत अमृतलालजी तलेसरा, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र मिलापचंदजी रांका, उप कोषाध्यक्ष अरुण मुलचंदजी संघवी साथ ही कमिटी मेंबर अंकित विमलचंदजी छाजेड, दिलीप सोहनराजजी सुंदेशा, जयराज चंदनमलजी राठौड, किशोर जयचंदजी बाफना, विजय रतिलालजी रांका, विजयराज रुपचंदजी रांका, विक्रम किरणराजजी राठौड, विरेन्द्र शांतिलालजी जोधावत, विवेक शिवराजजी रांका, भरत ओटरमलजी गुगलिया (ठाणे), प्रवीण कपूरचंदजी राठौड़ (ठाणे), राकेश कालीदासजी  रांका (मुंबई), रणजीत लालचंदजी बाफना (बदलापुर), श्रीपाल बाबुलालजी बाफना (आईपीपी), वसंत भगवानदासजी जैन (सूरत) समाविष्ट है।

  • आरडीबी फाउंडेशन द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजनगर्मियो में रक्तयूनिट की कमी को दूर करने का प्रयास

    शताब्दी गौरव कोलकाता। जून का महीना चिलचिलाती गर्मी की अभूतपूर्व लहर लेकर आया, जो कोलकाता में कुछ ज्यादा ही थी। इसने न केवल हमें शारीरिक रूप से प्रभावित किया बल्कि हमारी रक्त आपूर्ति पर भी असर डाला। रक्तदान शिविरों की संख्या में उल्लेखनीय रूप से कमी आई, जिससे हमारे ब्लड बैंकों में इस जीवन रक्षक संसाधन की कमी हो गई। इस संकट से उबरने के लिए आरडीबी फाउंडेशन ने ब्लड बैंकों को फिर से भरने की पहल की। आरडीबी फाउंडेशन ने 23 जून 2024 को  रीजेंट वाटिका पी-353, कीयाताला रोड, गोलपार्क, हिंदुस्तान पार्क, कीयाताला, कोलकाता, पश्चिम बंगाल 700029 पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया। यह अभियान हमारे हेल्थ पार्टनर्स, बेले व्यू क्लिनिक ब्लड सेंटर और वेन्यू पार्टनर, रीजेंट वाटिका बैंक्वेट द्वारा प्रदान किए गए अमूल्य समर्थन और देखभाल के साथ आयोजित किया गया था। हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि शिविर में 80 दानदाता एकत्र हुए, जिनमें 20 पहली बार दान करने वाले भी शामिल थे। बेले व्यू क्लिनिक ब्लड सेंटर के 11 डॉक्टर, नर्स और स्टाफ सदस्य और 10 आरडीबी फाउंडेशन स्वयंसेवक थे जिन्होंने इस शिविर को सफल बनाने में मदद की। आरडीबी समूह के अध्यक्ष सुंदरलाल दुगड़ इस गरिमामय सभा में उपस्थित थे। इस पहल का नेतृत्व आरडीबी फाउंडेशन के सदस्य यशस्वी दुगर ने किया। एक रक्तदान से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है, इस बात को ध्यान में रखते हुए आरडीबी फाउंडेशन टीम ने इस अभियान को शानदार सफलता बनाने के लिए दाताओं, आयोजकों, स्वयंसेवकों, ब्लड बैंकों और समर्थकों के अटूट समर्पण के साथ मिलकर काम किया।

  • जीएम को मिला लगातार दूसरे वर्ष रेड डॉट डिजाइन अवार्ड

    शताब्दी गौरव मुम्बई। देश के जाने माने इलेक्ट्रिक ब्रांड और इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज़ के मार्केट लीडर जीएम मोड्यूलर को ईएसएसईएन द्वारा जर्मनी में लगातार दूसरे वर्ष भी प्रतिष्ठित रेड डॉट डिजाइन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जीएम मोड्यूलर ने भारतीय ब्रांड के रूप में इतिहास रचा है। यह वैश्विक सम्मान नवाचार, सौंदर्यशास्त्र और कार्यक्षमता के प्रति जीएम की अटूट प्रतिबद्धता को उजागर करता है, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय डिजाइन उत्कृष्टता के लिए एक नया मानक स्थापित करता है। वर्तमान में जीएम मॉड्यूलर इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज़ उद्योग में सबसे भरोसेमंद ब्रांड माना जाता है। चेयरमेन रमेश जैन एवं सीईओ एवं एमडी जयंत जैन के मुताबिक़ जीएम में रिसर्च एवं डेवलपमेंट एक अभिन्न कार्य है और एक बड़े निवेश और एक मजबूत टीम के साथ इसे किया जाता है। इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज़ के मार्केट लीडर जीएम शुरू से ही नए वाई-फाई स्विच, एलईडी लाइट, पंखे और ऐसे ही नवीनतम उत्पादों को विकसित करने में सबसे अग्रणी रहा है। भारत, अफ्रीका, मिडल ईस्ट, मध्य पूर्व और यूरोपीय देशों में विभिन्न घरेलू और व्यावसायिक जरूरतों को अपने प्रोडक्ट्स से पूरा कर रहे हैं। ज्ञात रहे इस पूर्व में जीएम को एशिया वन मैगज़ीन द्वारा एशियास ग्रेटेस्ट ब्रांड 2020-21 और एशियास ग्रेटेस्ट लीडर्स 2020-21 ऐसे दो अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया गया है। निरंतर अभिनव उत्पादनों के माध्यम से, जीएम पहले ही दुनिया भर के लाखों घरों के जरिए लोगों के दिलों में बस चुका है और दुनिया भर के उपभोक्ताओं की जिंदगी को आसान बनाने के लिए जीएम अपने उत्पाद में एक नए दृष्टिकोण के साथ नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

  • जीएम को मिला ग्रैंड स्टैंड अवार्ड २४

    शताब्दी गौरव मुम्बई। देश के जाने माने इलेक्ट्रिक ब्रांड और इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज़ के मार्केट लीडर 'जीएम मोड्यूलर प्रा. लि. को हाल ही में प्रतिष्ठित ग्रैंड स्टैंड अवार्ड २४ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह अवार्ड उन्हें १० वें EL Asia 2024 इंटरनेशनल एक्जीबिशन ऑन पावर इलेक्ट्रिकल एण्ड लाईटींग के दौरान मिला। वर्तमान में जीएम मॉड्यूलर इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज़ उद्योग में सबसे भरोसेमंद ब्रांड माना जाता है। चेयरमेन रमेश जैन एवं सीईओ एवं एमडी जयंत जैन के मुताबिक़ जीएम में रिसर्च एवं डेवलपमेंट एक अभिन्न कार्य है और एक बड़े निवेश और एक मजबूत टीम के साथ इसे किया जाता है। इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज़ के मार्केट लीडर जीएम शुरू से ही नए वाई-फाई स्विच, एलईडी लाइट, पंखे और ऐसे ही नवीनतम उत्पादों को विकसित करने में सबसे अग्रणी रहा है। भारत, अफ्रीका, मिडल ईस्ट, मध्य पूर्व और यूरोपीय देशों में विभिन्न घरेलू और व्यावसायिक जरूरतों को अपने प्रोडक्ट्स से पूरा कर रहे हैं। ज्ञात रहे इस पूर्व में जीएम को एशिया वन मैगज़ीन द्वारा एशिया'स ग्रेटेस्ट ब्रांड 2020-21 और एशिया'स ग्रेटेस्ट लीडर्स 2020-21 ऐसे दो अंतर्राष्ट्रीय अवार्ड एवं हाल ही सिंगापोर में 'रेड डॉट डिज़ाइन' पुरस्कार से सम्मानित किया गया। निरंतर अभिनव उत्पादनों के माध्यम से, जीएम पहले ही दुनिया भर के लाखों घरों के जरिए लोगों के दिलों में बस चुका है और दुनिया भर के उपभोक्ताओं की जिंदगी को आसान बनाने के लिए जीएम अपने उत्पाद में एक नए दृष्टिकोण के साथ नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

  • हाड़ेचा में एजुकेशन हब बनाने का प्रस्तावउद्योगपति बाबूलाल भंसाली के निवास पर मुख्यमंत्री से मंत्रणाअनुमानित ६०० करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट

    मुंबई। भंसाली पॉलिमर्स एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड के एमडी, विख्यात उद्योगपति बाबूलाल भंसाली ने राजस्थान सरकार को सांचौर जिले के हाड़ेचा कस्बे को एजुकेशन हब बनाने का प्रस्ताव दिया है। मुंबई प्रवास के दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ उनके निवास स्थान भंसाली हाऊस पर लंबी चर्चा हुई। जिस पर मुख्यमंत्री ने श्री भंसाली को आश्वस्त किया कि वे राजस्थान सरकार की ओर से इस संदर्भ में हर संभव सहयोग करेंगे और हाड़ेचा को एजुकेशन हब बनाने की दिशा में सरकारी स्तर पर सहयोग उपलब्ध करवाने का प्रयास करेंगे। मंत्रणा के दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बाबूलाल भंसाली से कहा कि वे उनके प्रस्ताव को लेकर हर्षित हैं कि आप अपनी जन्म भूमि की सेवा को लेकर कितने तत्पर एवं उत्साहित हैं। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार मौजूदा दौर की प्राथमिक आवश्यकता है। अपने गांव में स्कूल या कॉलेज बनाने का संकल्प हर किसी का होता है। लेकिन आपने हाड़ेचा नगरी में एजुकेशन हब बनाने को लेकर जो संकल्प प्रस्तुत किया है, सही अर्थों में प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री ने समाजसेवी भंसाली से समूचे प्रकल्प का एक विस्तृत प्रारूप तैयार कर भिजवाने का आग्रह किया। जिससे सरकारी स्तर पर समूचे प्रकल्प को समझा जा सके और इस दिशा में आगे की कार्यवाही की जा सके। श्री भंसाली ने मंत्रणा के दौरान मुख्यमंत्री को समूचे प्रस्ताव की अनुमानित लागत करीब 600 करोड़ रुपए बताई है। जिसके अनुसार राजस्थान सरकार पर कुल खर्च का आधा व्यय भार आएगा। जबकि शेष आधा व्यय भार वे स्तर पर वहन करेंगे, ऐसा संकल्प उनकी ओर से किया गया है। इस अवसर पर बाबूलाल भंसाली ने कहा कि वे चाहते हैं कि हाड़ेचा में शिक्षा के समस्त क्षेत्रों का समावेश हो। प्राथमिक से लेकर कॉलेज शिक्षा और मेडिकल शिक्षा भी हाड़ेचा में ही उपलब्ध हो। ताकि हाड़ेचा समेत साचौर जिले के छात्र-छात्रा को शिक्षार्जन के लिए हाड़ेचा से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़े। इस पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बाबूलाल भंसाली के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए भंसाली की परिकल्पना को खूब सराहा। मुंबई प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का दोपहर का भोजन समाजसेवी बाबूलाल भंसाली के निवास स्थान पर था। भोजन के दौरान एवं पश्चात बाबूलाल भंसाली ने मुख्यमंत्री के साथ अपने सपने को साझा किया। समाजसेवा और मानव सेवा के तहत विभिन्न प्रकल्पों में सदैव सहयोग को तत्पर रहने वाले उद्योगपति बाबूलाल भंसाली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ लंबी मंत्रणा की। इस दौरान बाबूलाल भंसाली ने बताया कि वे अपनी जन्मभूमि हाडेचा नगरी को शिक्षा के एक भव्य केंद्र के रूप में देखना चाहते हैं। श्री भंसाली ने कहा कि सांचौर जिले के हाड़ेचा कस्बे में प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्चतर शिक्षा की सुविधा उनका सपना है। वे चाहते हैं कि हाड़ेचा में प्राथमिक से लेकर मेडिकल तक पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। ताकि समाज का कोई भी वर्ग उच्च शिक्षा से वंचित नहीं रहे। For more updates do follow us on Social Media: Facebook Page- https://www.facebook.com/shatabdigaurav Instagram - https://www.instagram.com/shatabdigaurav/

  • अदभूत, अनोखा, अकल्पनीय अविस्मरणीय रहाउडान संस्था द्वारा पंच कल्याणक महापूजा कार्यक्रम का भव्य आयोजन

    संपूर्ण आयोजन के लाभार्थी श्रीमती रेखाबेन कांतिलालजी शाह मुंबई। कला, साहित्य और संस्कृति के त्रिवेणी रूप में विख्यात उड़ान संस्था द्वारा पंचकल्याणक महापुजन मुंबई के आजाद मैदान में बड़े ही हर्षोल्हास के साथ में संपन हुआ। इस विराट महापुजा में संपूर्ण महाराष्ट्र से करीब 100 जैन महिला पूजा मंडलो की करीबन 1000 बहनो ने सतरंगी वेशभूषा और अलग अलग भाव भंगिमा के साथ भाववाही प्रस्तुति  देकर सभी को भाव विभोर कर दिया। संपुर्ण भारतवर्ष मे ये पहला ऐसा महापूजा का कार्यक्रम है जो इतनी बडी संख्या मे तथा इतने सारे महिला मंडलो द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। पूरे वर्ष मे ये अनूठा नजारा सिफऱ् इसी महापूजन में दिखाई देता है। कार्यक्रम मे संगीतकार त्रिलोक मोदी ने भक्ति की जबरदस्त धूम मचाई। यह कार्यक्रम सुबह करीब 8.30 बजे शुरू हुआ, जो दोपहर 2.00 बजे तक चला। इस पंचकल्याणक पूजा का संपूर्ण लाभ सौ. रेखाबेन कांतिलालजी शाह तखतगढ़/मुंबई (अंशा गोल्ड ज्वेलरी प्रा.लि.) परिवार ने लिया। और लाभार्थी परिवार की और से मंडल के हर सदस्य को सांझी स्वरूप प्रभावना दी गयी। इस अवसर पर नाकोडा धाम के सचिव दिनेशकुमार ज्योतिचंदजी तलेसरा द्वारा खौड़ निवासी की और से हर मंडल को 1100/- रुपये भेंट देने की घोषणा की गयी। इस अवसर पर जैन संगीतकार दिलीप बाफना और युवा जैन संगीतकार अनिल सालेसा ने भी अपनी अभुतपूर्व प्रस्तुति देकर सभी महिला मंडलों को खुब झुमाया संस्था द्वारा उनका बहुमान किया गया। नवकार मन्त्र से शुरू हुआ ये भक्ति का और संगीत का सफर राजस्थानी, गुजराती, मारवाड़ी और हिंदी भक्ति गीतों पर संगीतकारों ने महिला मंडलों को खुब झुमाया। उड़ान के अध्यक्ष युगराज जैन, उपाध्यक्ष गणपत कोठारी, भरत कोठारी, लॉयन सुरेश जैन, नरेश लोढ़ा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम मे फिल्मी अभिनेत्री सुजाता मेहता, किलर ग्रुप के चेयरमेन केवलचंद रतनपरिया चौहान, वरकाणा तीर्थ के अध्यक्ष रमेशकुमार कोठारी, नाकोड तीर्थ धाम के सचिव दिनेश तलेसरा, ट्रस्टी स्नेहल चौकसी, नाकोडा तीर्थ के ट्रस्टी सुरेश शाह, अमृतलाल कटारिया, समाजसेवी भवँर छाजेड़ के साथ समाज के कई गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्तिथि दर्ज की। सभी विजेता मंडलों को ट्रॉफी देकर सन्मानित किया गया। कार्यक्रम के लाभार्थी श्रीमती रेखाबेन कांतिलाल शाह परिवार को उड़ान के पदाधिकारियों ने सम्मानित किया।

  • राठौड़ परिवार द्वारा आदर्श विद्यालय सादड़ी में बस भेट

    सादड़ी। खुबीलाल, विमलचंद जुगराजजी राठौड़ (फ्लेयर पेन्स) परिवार द्वारा श्री खेतलाजी मंड़ल द्वारा संचालित आदर्श विद्यालय ईग्लिश वल्र्ड अकादमी सादड़ी, राणकपुर को 2७ लाख रुपये की 50 सीटर नयी बस भेट की है। जिससे वहां के छात्रों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। श्री आदर्श खेतलाजी मंडल के अध्यक्ष दिलीप भंडारी, उपाध्यक्ष नरेश रांका, सेकेट्री मनोज जैन (वोरा), ट्रेजरार सुनील पुनमिया एव सदस्यों ने राठौड़ परिवार को धन्यवाद देते हुए आभार प्रकट किया है।

  • महावीर इंटरनेशनल, मुंबई केंद्र द्वारा होली के रंग, महावीर परिवार के संग

    मुंबई। महावीर इंटरनेशनल, मुंबई केंद्र द्वारा आयोजित मार्च महीने की मासिक सभा का होली के शुभ पर्व के समय होली के रंग, महावीर परिवार के संग  द अंधेरी रिक्रिएशन क्लब में आयोजित हुआ। प्रत्येक मासिक सभा के नियमित कार्यक्रमों के अलावा होली के शुभ अवसर पर एक विशेष अभूतपूर्व अविस्मरणीय रंगारंग संगीतमय कार्यक्रम राधाकृष्ण संग फूलों की रासमय होली जिसे सुधा शर्मा और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत किया गया एवं  मार्च महीने में जिन सदस्यों का जन्मदिवस है उनको पुष्प देकर अभिनंदन किया गया। आज के इस कार्यक्रम में काफ़ी समय के बाद, महावीर इंटरनेशनल, मुंबई केंद्र परिवार से बहुत ही अच्छी संख्या में करीब 110 से अधिक वीर विराओ ने उपस्थित रहकर इस अभूतपूर्व कार्यक्रम का उपस्थित सभी वीर विराओ द्वारा राजस्थानी होली के गीतो, एवं कुछ चलचित्र गीतो के साथ साथ  मनमोहक श्रृंगार से सजे हुए राधा कृष्ण संग सामुहिक नृत्य और संगितमय होली एवं अंत में स्वादिष्ट भोजन का भरपुर आनंद लिया। इस सभा मे कुछ नए आजीवन सदस्य भी बने। इस सभा मे महावीर इंटरनेशनल एपेक्स के कई पूर्व पदाधिकारी व मुंबई केंद्र के पदाधिकारी उपस्थित थे। उपस्थित लोगो में वीर घनश्यामनाथ मोदी, वीर राजेंद्र सिंघवी, वीर शांतिलाल कवाड़, वीर विजयसिंह बापना, वीर पारसमल गोलेचा, वीर नेमिचन्द बोकडिय़ा, वीर डॉ नेमिचन्द छाजेड, वीर रिकबचंद बोथरा, वीर मानेक मेहता, वीर अशोक मेहता, वीर सुरेश बापना, वीर सुंदरलाल बोथरा, वीर कंवरलाल डागा, वीर देवीचन्द सालेछा, वीर ज्ञानचंद मेहता, वीर कमल खाबिआ, वीर किशोर खाबिआ, वीर ललित डांगी, वीर रितेश पोरवाल सहित कई सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम को मनोरंजॅक व एतिहासिक बनाने के लिए मशहूर गायिका सुधा शर्मा एवं पार्टी का बहुत बहुत आभार। कार्यक्रम में श्रीमती नीता बोकाडिय़ा को वर्ष का सर्वश्रेष्ठ अंकशास्त्री एवं वास्तु सलाहकार के लिए दादासाहेब फालके पुरस्कार से सम्मानित होने पर उनका अभिनंदन किया। इसके साथ ही युवा उद्योगपति गजेंद्र भंडारी एवं द अंधेरी रिक्रिएशन क्लब के सचिव विनोद मेहता का शाल व माला पहनाकर अभिनंदन  किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महावीर इंटरनेशनल मुंबई केद्र के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।

  • श्री गुरूप्रेम-तगतोबाई जुगराजजी राठौड विहार धाम का उद्घाटन

    बलसाड। परम पूज्य तपागच्छाधिपति आचार्य श्रीमद विजय प्रेमसूरीश्वरजी महाराज १०५ वें जन्म दिवस पर श्री गुरूप्रेम आजीवन चरणोपासक परम पूज्य गच्छाधिपति आचार्य श्री विजय कुलचंद्रसूरीश्वरजी (केसी) महाराज आदि श्रमणवृंद एवं परम पूज्य साध्वी श्री जिनरक्षीताश्रीजी महाराज आदि श्रमणीवृंद की पावन निश्रा में बलसाड नेशनल हाईवे पर सादडी निवासी खुबीलाल, विमलचंद जुगराजजी राठौड (फ्लेयर पेन्स) परिवार द्वारा निर्मित श्री गुरूप्रेम-तगतोबाई जुगराजजी राठौड विहार धाम का उद्घाटन भव्य रूप से संपन्न हुआ। यह अत्याधुनिक विहार धाम ३ हजार स्क्वेअर फूट है। इससे हाईवे पर विचरण करने वाले साधु साध्वी भगवंतों को ठहरने की उत्तम व्यवस्था की गई हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरूदेव के मंगलाचरण से हुआ। आचार्य कुलचंद्र सूरीश्वरजी महाराज ने राठौड परिवार के इस सुकृत्य की सराहना करते हुए परिवार को मंगल आशिर्वाद प्रदान किया। राठौड परिवार के खुबीलाल राठौड, श्रीमती निर्मलाबेन राठौड, विमलचंद राठौड, श्रीमती मंजुलाबेन राठौड, राजेश राठौड, मोहीत राठौड, सुमित राठौड ने फीता काटकर विहार धाम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर  जैन संघ के कई गणमान्य एवं सम्मानित लोग उपस्थित थे। ज्ञात रहे कि सादडी निवासी राठौड परिवार का मध्य प्रदेश के घसोई तीर्थ में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। २७०० वर्ष पुरानी मूलनायक चिंतामणी पाश्र्वनाथ भगवान की मूर्ति स्थापित करने व कायमी अमर ध्वजा एवं मेन गेट का निर्माण भी उन्होंने करवाया है। खुबीलाल राठौड श्री जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक तपागच्छ संघ आनंदधाम ट्रस्ट घसोई के अध्यक्ष एवं श्री पाश्र्वनाथ उम्मेद जैन शिक्षण संघ फालना के उपाध्यक्ष होने के साथ साथ मरूधर महिला शिक्षण संघ विद्यावाडी, श्री पाश्र्वनाथ जैन तीर्थ वरकाणा, शेठ धर्मचंद दायाचंद श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ सादडी आदि सामाजिक, धार्मिक व शैक्षणिक संस्थाओं में भी काफी सक्रिय पदाधिकारी है।

  • ठाकुरद्वार में आचार्य श्री विश्वरत्नसागर सूरीश्वरजी द्वारा महामांगलिक – महामांगलिक के संपूर्ण लाभार्

    शताब्दी गौरव मुंबई। ठाकुरद्वार जैन श्वेतांबर श्री संघ के तत्वावधान में महाप्रभावकारी महामांगलिक, का आयोजन श्री माधव बाग, हॉल सीपी टैंक, ठाकुरद्वार में गुरु श्री नवरत्नसागर सूरीजी के परम कृपा पात्र शिष्य सर्वधर्म दिवाकर आचार्यदेव श्री विश्वरत्न सागर सूरीश्वरजी महाराज के मुखारबिंद से संपन्न हुआ। महामांगलिक का श्रवण करने हजारों की संख्या में जन सैलाब उमड़ा, जिसमें जैन अजैन कई लोगों ने इस महामांगलिक में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर पूज्य गुरुदेव श्री के द्वारा प्रदत्त की जाने वाली महामांगलिक का श्रवण लगातार दो घंटों तक किया। गुरुदेव श्री से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ था, वहीं अपने संकटों का नाश करने वाली इस महाप्रभावशाली महामांगलिक में मुंबई एवं मालवा राजस्थान, गुजरात आदि कई राज्यों से लोग उपस्थित हुए। गुरुदेव श्री द्वारा जो मंत्रों का उच्चारण और विभिन्न मुद्राओं के माध्यम से उपस्थित जन समुदाय में अंतस में ऊर्जा और शक्ति जाग्रत की जिसे उपस्थित जन समुदाय ने महसूस किया। इस महामांगलिक सभी ने ध्यान पूर्वक सुना। महामांगलिक के लाभार्थी श्रीमती रेखाबेन कांतिलालजी शाह परिवार तखतगढ़ मुंबई अंसा ज्वेलर्स प्रा. लि. थे। वहीं प्रथम गुरु पूजन एवं प्रथम वाक्षेप का चढ़ावा श्रीमती मुंगीदेवी वीरचंदजी मुथा चित्तलवाणा हाल मुंबई ने लाभ लिया। झालावाड़ के संगीतकार लाला मस्ताना ने भक्ति की गंगा बहाई। कार्यक्रम का ओजस्वी संचालन भरत एन. कोठारी ने किया। इस अवसर पर 35-35 कल्याण भूमि के अध्यक्ष कमलसिंह रामपुरिया कोलकत्ता से पूरे ट्रस्ट मंडल के साथ उपस्थित रहे। 2024 में विख्यात तीर्थ शिखरजी के रक्षक देव श्री भोमियाजी महाराज का मंदिर की भव्यतम प्रतिष्ठा कराने की विनती गुरुदेव से की। इस अवसर पर गणपत कोठारी, दिनेश जैन, ललित जगावत, नरेंद्र भंडारी, हिराचंद गुलेच्छा, प्रशांत झवेरी, डॉ. विनोद कोठारी, भरत बाफना सहित के कई गणमान्य महानुभाव उपस्थित थे। ज्ञात रहे कि आचार्य श्री के मुखारबिंद से महामांगलिक सुनने के लिए उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि लगातार पांच महामांगलिक सुनने से कई की बीमारी दुख तकलीफ और पैसों आदि से जुड़ी कई चिंताएं दूर हो रही हैं। पूज्य गुरुदेव श्री महामांगलिक प्रदान उन विशिष्ट मत्रोच्चार से सिद्ध वाक्षेप प्रदान करते हैं, जिससे सबके बिगड़े काम बनने लगे हैं। महामांगलिक सुनने के लिए मुंबई सहित मालवा, राजस्थान, कोलकाता, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, गुजरात, बेंगलुरु, चेन्नई सहित कई राज्यों से श्रद्धालु गुरुभक्त उपस्थित रहते है। For more Updates Do follow us on Social Media Facebook Page-https:// www.facebook.com/shatabdigaurav Instagram - https://www.instagram.com/shatabdigaurav/ Twitter-https:// twitter.com/shatabdigaurav

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