Search Results
123 results found with an empty search
- जीतो पुणे B2B विभाग द्वारा आर्थिक सशक्तिकरण पर संवादात्मक कार्यक्रम का आयोजनसामाजिक-आर्थिक स्तर समान होना चाहिए : डी. आर. मेहता
पुणे। आज की सामाजिक व्यवस्था धार्मिक सिद्धांतों पर आधारित होनी चाहिए और समाज का समग्र विकास होना चाहिए। सभी का सामाजिक-आर्थिक स्तर समान होना चाहिए। जहां शेयर मार्केट और म्यूचुअल फंड्स के माध्यम से आय में वृद्धि हुई है, वहीं यह सवाल भी उठाना जरूरी है कि क्या इंसान का मन खुश है। ऐसी परिस्थितियों में एक शुद्ध सामाजिक व्यवस्था के माध्यम से समाज का उत्थान होना चाहिए ये विचार रिझर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर पद्मभूषण डी. आर. मेहता ने जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन (जीतो) पुणे B2B विभाग द्वारा सरहद पब्लिक स्कूल, धनकवडी में आयोजित आर्थिक सशक्तिकरण के संदर्भ में एक संवादात्मक कार्यक्रम में व्यक्त किये। जीतो के कार्यों की सराहना करते हुए मेहता ने कहा कि भारत ने जब से वैश्वीकरण को अपनाया है, यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक क्षेत्र में बड़े सकारात्मक बदलाव आए हैं। हालांकि भारत में आज भी नैतिकता की कमी महसूस होती है और नियमों के पालन में भारत पर्याप्त रूप से अनुशासित नहीं है। व्यवसायी को बाजार की परिस्थितियों का गहन अध्ययन करना चाहिए और फिर निवेश करना चाहिए, साथ ही जोखिम को लेकर स्पष्ट विचार करना जरूरी है, यह महत्वपूर्ण मार्गदर्शन उन्होंने दिया। समाज सेवा की ओर मुडऩे के अपने अनुभव को साझा करते हुए मेहता ने कहा कि जब उन्होंने समाज के लिए क्या किया, इस पर विचार किया, तो केवल प्रशंसा नहीं चाहिए थी, बल्कि काम में खुशी और संतोष मिलना चाहिए, यह समझ में आया। एक गंभीर दुर्घटना से ठीक होते हुए उन्होंने धार्मिक-आध्यात्मिक ग्रंथों का अध्ययन किया, और इसी से यह प्रेरणा मिली कि समाज के लिए कुछ किया जाना चाहिए, गरीबों और विकलांगों की सेवा होनी चाहिए, और इसी विचार ने उन्हें संस्थाएं स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। इस दिशा में उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर और विकलांग व्यक्तियों को कृत्रिम अंग लगाने का कार्य शुरू किया। प्राकृत भाषा के संरक्षण की आवश्यकता और विद्यार्थियों में भाषा और अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने पुस्तकालय और अध्ययन केंद्र स्थापित किए, जो उन्हें मानसिक संतोष प्रदान करते हैं। जयपुर शहर पुणे से सुंदर है, लेकिन मेहता ने पुणे को भारत का एकमात्र ऐसा शहर बताया, जहां सेवा, शिक्षा, विज्ञान और सांस्कृतिक संस्थाओं का बेहतरीन संगम देखा जा सकता है। अंत में, 87 वर्ष की आयु में मेहता ने उपस्थित लोगों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है; अगर आप लगातार काम करते रहेंगे, तो शरीर स्वस्थ रहेगा, अन्यथा वह खटारा बन जाएगा। कार्यक्रम में श्री मेहता का स्वागत जीतो एपेक्स के प्रेसिडेंट विजय भंडारी, जेएटीएफ के चेयरमेन इंदर जैन, जीतो एपेक्स पूर्व प्रेसिडेंट कांतिलाल ओसवाल, पूणे चेप्टर के चेयरमेन इंद्रकुमार छाजेड, चीफ सेक्रेट्री दिनेश ओसवाल, सेक्रेट्री लक्ष्मीकांत खाबिया एवं चकोर गांधी, दिलीप जैन, रूपेश कोठारी, जयेश फुलपगर, अमोल कुचेरिया, धीरज छाजेड, सुजीत भटेवरा, संगीता ललवानी, गौरव बाठिया, शैलेश पगारिया, प्रकाश धोका, एकता भंसाली और कुषाली चोरडिया आकाश ओसवाल ने किया। श्री मेहता का परिचय वनिता मेहता ने दिया। अमोल कुचेरिया ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन सेक्रेट्री लक्ष्मीकांत खाबिया ने किया।
- रवि संचेती फाउंडेशन द्वारा स्व. श्री लालचंदजी संचेती की पावन स्मृति में निर्मितखौड़ में सच्चियाय माताजी मंदिर का भूमिपूजन एवं शिलान्यास
खौड। रवि संचेती फाऊंडेशन द्वारा स्व. श्री लालचंदजी संचेती की पावन स्मृति में श्री वल्लभ समुदाय के गच्छाधिपति आचार्य श्री विजय नित्यानंद सूरीश्वरजी म. सा. के शिष्य रत्न आचार्य श्री चिदानंद सूरीश्वरजी म.सा. प्रेरणा निर्मित धर्म नगरी खौड़ में ओसवाल वंश की कुलदेवी व जन जन की आस्था का केंद्र एसी श्री सच्चिायाय माताजी मंदिर का भूमिपूजन एवं शिलान्यास समारोह विधि विधान के साथ भव्य रुप में संपन्न हुआ। रवि संचेती फाऊंडेशन के रवि संचेती ने मंत्रोच्चारण के साथ भूमिपूजन किया। इस अवसर पर चंदनमल तेलीसरा, विरेन्द्रसिंह मेडतीया, महेन्द्रसिंह, बलविरसिंह, किरणसिंह चौहान, कमलेश शर्मा, अश्विन व्यास, मुकेश सिरवी, चुन्नीलाल वैष्णव, मांगीलाल ब्राह्मण, सुरेन्द्र सिंह, मनिष व्यास, ढलाराम घांची, मुलाराम चौधरी सहित भारी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे। इस मंदिर में श्री सच्चियाय माताजी के साथ सरस्वती माता, लक्ष्मी माता एवं गणेशजी के प्रतिमाएं भी होगी। ज्ञात रहे कि रवि फाउंडेशन ग्राम विकास के प्रति सदैव सजग रहा है। इसके पूर्व में भी निमला मामाजी मंदिर का निर्माण, गाव में गार्डन का निर्माण एवं समय समय पर चिकित्सा शिविर का आयोजन, जरुरतमंद लोगों को चिकित्सा उपकरण भी उपलब्ध करवाया है।
- फालना राजस्थान की शिवानी चौधरी ने जापान में बढ़ाया भारत का गौरव15 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सांस्कृतिक कूटनीति और सुशासन मॉडल पर किया काम
नई दिल्ली/टोक्यो। राजस्थान की युवा प्रतिनिधि फालना निवासी शिवानी सुनिल चौधरी सुपौत्री अरूण चौधरी ने हाल ही में जापान में आयोजित एक उच्चस्तरीय अध्ययन यात्रा में भाग लेकर न केवल राज्य बल्कि पूरे भारत का नाम रोशन किया। वे 15 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थीं, जिसने जापान में सांस्कृतिक सॉफ्ट पावर, कूटनीति और सुशासन के मॉडल पर गहराई से काम किया। इस प्रेरणादायक यात्रा का आयोजन राष्ट्रीय नेतृत्व संस्थान राष्ट्रम् द्वारा किया गया था, जिसमें कई सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों का सहयोग प्राप्त हुआ। प्रतिनिधिमंडल ने जापान में भारतीय दूतावास, जापानी संसद, जाक्सा (जापानी अंतरिक्ष एजेंसी), जेट्रो (जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन), और अन्य प्रमुख संस्थानों का दौरा किया। इसके अलावा प्रतिनिधियों ने जापान की प्रसिद्ध मात्सुशिता इन्स्टिट्यूट ऑफ गवर्नमेंट एण्ड मेनेजमेंट (मात्सुशिता युनिवर्सिटी ऑफ पॉलिसी एण्ड गवर्नंस) और कई अन्य अग्रणी विश्वविद्यालयों से भी संवाद किया, जहां नीति, नेतृत्व और शिक्षा के नवाचारों पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने इसे जिंगु शरनी जैसी सांस्कृतिक स्थलों का भी दौरा किया और जापानी परंपराओं, आध्यात्मिकता और प्रकृति के साथ उनके गहरे संबंध को भारतीय दृष्टिकोण से समझने का प्रयास किया। इस यात्रा ने भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक सहयोग, नीति-निर्माण और युवाओं के वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक मजबूत कदम सिद्ध किया है। शिवानी चौधरी की इस उपलब्धि पर पूरे राजस्थान को गर्व है, क्योंकि वह आज के युवाओं की वह तस्वीर प्रस्तुत करती हैं जो न केवल देश की परंपराओं से जुड़ी है, बल्कि वैश्विक मंच पर विचार और नेतृत्व में भी आगे बढ़ रही है।
- गणपतराज चौधरी मेहनत और हिम्मत से सजाया जिंदगी का आसमान
कस्तुरी मृग की नाभि में होती है। लेकिन सुगंध हर तरफ बिखरती है। उसी प्रकार अच्छे व्यक्तियों की अच्छाई और अच्छे काम उन्हें परोपकार से जोडती है। गणपत चौधरी कई संस्थाओं से जुडक़र समाज की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। जीवन जीना एक कला है और यह कला जिसे आ गई उसने तो मानो जीवन के मर्म को ही समझ लिया। उसे फिर जीवन में कोई भी नही हरा सकता है फिर चाहे वो व्यक्ति हो या फिर परिस्थितियां। और यही वजह है कि ऐसे लोग तटस्थ होकर जीवन के सभी रंगों को समान रूप से जीते हैं और खुश रहते हैं। ऐसे ही लोगों में गणपतराज लालचंदजी चौधरी का नाम शामिल है जो कि जीवन को जीने में यकीन रखते है फिर चाहे कैसी भी स्थिति हो अपने यकीन को डगमगाने नहीं देते हैं। जीवन के प्रति उनकी सकारात्मकता ही उन्हें सदैव कर्मपथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देती है। राजस्थान के बाड़मेर के सिवाणा में पिता लालचंदजी चौधरी और माता मथरादेवी चौधरी के घर 23 मार्च 1963 को गणपत चौधरी का जन्म हुआ। जहां माताजी से संस्कार मिले वहीं पिता से जीवन के सकारात्क सोच मिली। पूत के पांव पालने में ही नजर आते हैं, वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए गणपत चौधरी में बचपन से ही आगे बढने और कुछ अलग करने की चाह थी। अपने माता और पिता से मिली सीख पर चलते हुए हर परिस्थिति में केवल जीत हासिल करनी है, ये तय कर लिया। सब कुछ इतना आसान भी नहीं था। कडी मेहनत और लगन को अपना हथियार बनाया और कर्मभूमि में उतर गए। बस साथ था तो मन में सफलता का विश्वास और इसी विश्वास के सहारे आगे बढने लगे। मद्रास विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक होने के बाद सोचा कि पढाई तो अब पूरी हो चुकी है अब उसे अमल में उसके बाद जीवन में लाना बाकी है बस फिर क्या था। लग गए अपने जीवन को दिशा देने में और इसके लिए हर प्रकार की मेहनत करने लगे। अपनी दूरदर्शिता के दम पर ही दो कंपनी रिद्धि सिद्धि ग्लूको बायोल लिमिटेड एवं श्रीराम न्यूजप्रिंट लिमिटेड की शुरूआत की और आज वो दोनो ही कंपनियों के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। साल 1983 में व्यापार की शुरूआत की और 35 सालों के अथक प्रयास और मेहनत से कंपनी को सफलता की उचांईयां प्रदान की। वर्तमान में ग्लूको बॉयल 30 देशों में अपना निर्यात कर रहा है और उसकी सफलता और काम को देखते हुए स्टार्च बनाने वाली विश्व की तीसरे नंबर की कंपनी रॉकेट फ्रेरेस जो कि फ्रांस की है, ने रिद्धि सिद्धि ग्लूको बायोल में 14.9 प्रतिशत का निवेश किया। आज ग्लूको बायोल के पास लगभग 500 से ज्यादा ग्राहक हैं जिसमें देश और विदेश की कई बडी कंपनियां शामिल हैं। गणपत चौधरी के नेतृत्व में साल 2012 -2013 में रिद्धि सिद्धि ग्लूको बायोल लिमिटेड ने 1300 करोड का टर्नओवर किया जिसके बाद में कंपनी सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली कंपनी बन गई। वर्तमान में गणपत चौधरी इसके अलावा स्टार्च, पेपर, रिन्यूएबल एनर्जी, इनवेस्टमेंट, ट्रेडिंग और रियल स्टेट के कारोबार से जुडे हुए हैं। कहते हैं हर सफल आदमी के पीछे एक महिला का हाथ का होता है और गणपत चौधरी के इस सफलता के पीछे उनकी धर्मपत्नी श्रीमती राजुलदेवी चौधरी का हाथ रहा है। जो हर वक्त अपने पति के साथ खडी रही फिर चाहे वक्त अनुकूल हो या फिर प्रतिकूल। उन्होंने घर को सम्हाला बच्चों को अच्छी परवरिश दी और साथ ही परिवार एवं दूसरे रिश्तों को भी सम्हाला जिसमें गणपत चौधरी को पूरा सहयोग रहा। दोनो ने मिलकर एक दूसरे का साथ दिया और जीवन को गति दी। समय बीता पुत्र सिद्धार्थ चौधरी, पुत्रवधू श्रीमती कविता सिद्धार्थ चौधरी, बेटियां सिद्धि नयन शाह और रिद्धि अंकित लोढा का साथ मिला और ऐसा लगा जैसे मानो ईश्वर ने जीवन की सारी खुशियां दे दी। जीवन की सम्पूर्णता इसे सम्पूर्ण तरीके से जीने में है और इसके लिए आवश्यक है जीवन के सभी रंगों को आत्मसात करते हुए आगे बढने की। गणपत चौधरी ने भी जीवन में इसे ही मंत्र बनाया वैसे इनका मानना है कि हर व्यक्ति को अपनी हर भूमिका भलीभांति निभानी चाहिए और उसमें सफल होने का प्रामाणिक प्रयत्न ही उनके जीवन का लक्ष्य होना चाहिए। आज आप अपने परिवार के वात्सल्यमूर्त मुखिया तो हैं ही साथ ही अपने भाई बहनो एवं उनके परिवार के लिए मार्गदर्शन का स्त्रोत भी हैं। जीवन के हर उतार चढाव में अपनो को साथ लेकर आगे बढने की कला गणपत चौधरी से सीखने लायक है। अपने परिवार की तरह इन्होंने अपने व्यापार और साथ काम करने वालों को भी परिवार की तरह ही प्यार और विश्वास दिया परिणामस्वरूप व्यापार में भी खूब तरक्की की और आज अनेकों प्रकार के व्यापार से जुडे हुए हैं। क्योंकि आप मानते हैं कि व्यक्ति को अपना हर दिन कल से बेहतर बनाने के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए। सामाजिक एवं धार्मिक कार्यो में बढचढकर हिस्सा लेते हैं और तन, मन एवं धन हर प्रकार से विकास में अपना योगदान भी देते हैं। जिस प्रकार कस्तुरी मृग की नाभि में होती है लेकिन उसकी सुगंध हर तरफ बिखरती है उसी प्रकार अच्छे व्यक्तियों की अच्छाई और अच्छे काम उन्हें लोगों से और फिर परोपकार से जोडती है। इसी तरह से गणपत चौधरी की अच्छाईयों ने उन्हें ना केवल ख्याति दिलाई बल्कि समाज की भलाई के लिए काम करने वाली कई संस्थाओं से जुडक़र समाज की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। वे श्रमण आरोग्यम, जीतो अपेक्स का वैयावच्च केंद्रित उपक्रम के चेअरमैन का कार्यभार सम्हालने के साथ राजस्थान सेवासमिति अहमदाबाद के अध्यक्ष हैं। इसके साथ ही आप ट्रस्टी, युवा अनस्टॉपेबल और जीतो मैनेजिंग एवं मैनेजमेंट प्रोग्राम, मैनेजिंग कमिटी व अहमदाबाद मैनेजमेंट असोसिएशन के गवर्निंग बोर्ड के सदस्य, और गुजरात चेम्बर ऑफ कामर्स और इंडस्ट्री के सदस्य, लायंस क्लब ऑफ अहमदाबाद कर्णावती के अध्यक्ष रह चुके हैं। इस सबके साथ ही गणपत चौधरी को सम्मान एवं अवार्ड भी खूब सारे मिले। तात्कालीन राष्ट्रपति स्वर्गीय अब्दुल कलाम आजाद के हाथों सम्मानित किया गया। और लायंस क्लब ऑफ कर्णावती के विशिष्ट अध्यक्ष भी घोषित किए गए। इन सभी पक्षों को समान रूप से जीने वाले गणपत चौधरी के जीवन के सभी पहलू एक समान महत्वपूर्ण होते हैं और गया वक्त फिर वापस नहीं आता है इसलिए सभी पहलुओं पर बराबर ध्यान देना चाहिए। इनका कहना है कि जीवन को साहस के साथ जीना चाहिए। साथ ही वर्तमान स्थिति को समझते हुए भविष्य के निर्णय लेना चाहिए। जहां तक इनकी खुद की बात है तो बता दें कि इनका परिवार, टीम और डेस्टिनी सभी मिलकर मुझे सफल बनाते हैं। और ये तीनो अगर सही मायने में आपके साथ हों तो सफलता निश्चित ही मिलती है। समाज के बिना व्यक्ति अस्तित्वहीन है। समाज का निर्माण हम सभी लोगों से है इसलिए उसके सहयोग या साथ के बिना कुछ भी संभव नहीं है इसलिए हम जितना परिवार के लिए करते हैं उतना ही ध्यान समाज का भी रखना चाहिए और उसकी बेहतरी के लिए जितना संभव हो कार्य करना चाहिए। जीवन की भागदौड और जिम्मेदारियों के बीच शौक ही जो जीवन को वापस तरोताजा कर देते हैं और जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण देते है। इसलिए हर दिन वो जीवन की व्यस्तता से अपने लिए कुछ समय अवश्य निकाल लेते हैं जो कि नितांत उनका होता है। संगीत, ध्यान और धर्म के लिए भी समय निकाल लेते हैं। गणपत चौधरी का मानना है कि सामाजिक कार्य, धार्मिक कार्य और कारोबार हमेशा करते रहना चाहिए। गणपत चौधरी का उद्देश्य जीवन को सम्पूर्ण तरीके से जीना है। हर व्यक्ति जीवन में कुछ ना कुछ सीखाता है। हमें सदैव विद्यार्थी बने रहना चाहिए। जीवन में धर्म बहुत महत्वपूर्ण रहता है। गणपत चौधरी का कहना है कि जैन धर्म में मेरी निष्ठा है और गुरू भगवंत से प्रेरणा लेते रहना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। शताब्दी गौरव के बारें गणपत चौधरी का कहना है कि शताब्दी गौरव सच में कामयाबी की सीढियां चढ चुका है और अव्वल नंबर का अखबार बन चुका है मुझ यकीन है कि आने वाले समय में इसकी चमक और सुनहरी हो जाएगी।
- वी एस संभव ग्रुप को मिला रियल एस्टेट फंड रेजिंग में प्रतिष्ठित आइकॉनिक लीडर अवॉर्ड
मुंबई। रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश बैंकिंग की अग्रणी फर्म, वी एस संभव ग्रुप ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता साबित की है। उन्होंने हाल ही में आइकॉनिक लीडर इन रियल एस्टेट फंड रेजिंग पुरस्कार अपने नाम किया है। यह सम्मान संभव ग्रुप की उस असाधारण क्षमता को दर्शाता है, जिसके जरिए उन्होंने रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश और फंड जुटाने के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वी एस संभव ग्रुप के संस्थापक और प्रमोटर वैभव जैन ने इस पुरस्कार को अपनी मेहनती टीम और अभिनेता सोनू सूद के साथ साझा किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में वैभव जैन और उनकी टीम ने इस उपलब्धि को गर्व के साथ ग्रहण किया। मुंबई में मुख्यालय रखने वाली यह फर्म देश के कई प्रमुख शहरों में सक्रिय रूप से काम कर रही है। दिल्ली-एनसीआर, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में संभव ग्रुप ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। पिछले एक दशक से अधिक समय से, यह ग्रुप डेवलपर्स और व्यवसायों की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए अनुकूलित और प्रतिस्पर्धी वित्तीय समाधान प्रदान कर रहा है। संभव ग्रुप की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उन्होंने अपने ग्राहकों के लिए अब तक 10,000 करोड़ रुपये से अधिक के फंड सफलतापूर्वक जुटाए हैं। यह आंकड़ा न केवल उनकी विशेषज्ञता को दर्शाता है, बल्कि रियल एस्टेट क्षेत्र में उनकी विश्वसनीयता और नेतृत्व को भी रेखांकित करता है। इस अवसर पर वैभव जैन ने कहा, यह पुरस्कार हमारी टीम के समर्पण और कड़ी मेहनत का परिणाम है। हम अपने ग्राहकों की जरूरतों को समझते हैं और उनके लिए सर्वश्रेष्ठ समाधान लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस समारोह में अभिनेता सोनू सूद की मौजूदगी ने भी इस आयोजन को खास बना दिया। सोनू सूद ने संभव ग्रुप की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि रियल एस्टेट क्षेत्र में इस तरह का नेतृत्व प्रेरणादायक है। वी एस संभव ग्रुप और वैभव जैन को इस शानदार उपलब्धि के लिए शताब्दी गौरव की ओर से हार्दिक बधाई। यह पुरस्कार न केवल उनकी सफलता का प्रतीक है, बल्कि रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश के भविष्य को और मजबूत करने का संकेत भी देता है।
- मरुधर महिला शिक्षण संघ, विद्यावाड़ी (खीमेल) की नई कार्यकारिणी (2024-2027) गठित
रानी। गोडवाड़ की एकमात्र महिला शिक्षण संस्था विद्यावाडी की नई कार्यकारिणी २०२४-२७ की घोषणा नव निर्वाचित अध्यक्ष कांतिलाल एन. मेहता (सादड़ी) ने की। जिसमें उपाध्यक्ष प्रदीप जी. राठौड़ (सादड़ी), चंदन एम. परमार (खुडाला), कांतिलाल एम. मेहता (डायलाना), अरविंद पी. राणावत (दुजाना), सेक्रेट्री कैलाश टी. कावेरिया (शिवगंज), ज्वाइंट सेक्रेट्री श्रीमती चंद्रा मेहता (बाली), हसमुख संघवी (बाली), टे्रजरार महेंद्र धोका (फालना), ज्वाइंट टे्रजरार भरत राठौड़ (रानी) एवं पूर्व अध्यक्ष पोपटलाल सुंदेशा (सादड़ी) को बनाया गया है। कार्यकारिणी सदस्यों में माणिक एम. शाह (जवाली), हेमन्त पी. जैन (सादड़ी), नरेन्द्र एम. मेहता (सांडेराव), प्रवीण के. मेहता (खिमेल), सुरेंद्र एस. खजांची (खिमेल), कल्याण ए. जैन (खिमेल), मुकेश भंडारी (रानी), बसंत एफ. सुंदेशा (सादड़ी), श्रीमती ललिता रांका (रानी), राजेंद्र एफ मरलेचा (नाडोल), भरत ए. शाह (धणा), केसरीमल जे. संघवी (मुंडारा), जयंतीलाल एम.के. शाह (बिजोवा), मुकेश जे. संघवी (नाना), राहुल के. खीमावत (खिमेल), इंदरचंद वी. बोराणा (एंदला गुड़ा), राजेंद्र के राठौड़ (सादड़ी), नरेश ओ. जैन (सादड़ी), रमेश जैन (रानी), नीमित एन. पुनमिया (सादड़ी) एवं सिद्धराज एस. लोढ़ा (खोड़) को बनाया गया है। सलाहकार समिति में एन. सी. मेहता (रानी), रतनचंद जे. ओसवाल (आना), बख्तावर सी. रांका (दादाई), इंदरचंद एम. राणावत (खुडाला), मोतीलाल ओसवाल (पादरू), दिलीप जी. सुराणा (बालराई), जयंतभाई संचेती (रानी), बाबूलाल बी. मंडलेशा (बाली), जेठमल बी. सिरोया (बाली), भरत ए परमार (रानी), महेश जे. हिंगड़ (घाणेराव), सुरेश बाफना (यूएसए/सादड़ी), उत्तम खजांची (खिमेल), युगराज बी. जैन (बिजोवा), हरीश सुराणा (रानी), कुमारपाल सिसोदिया (बाली), प्रवीण एच. लूणिया (चांचोड़ी), जितेन्द्र के. पुनमिया (घाणेराव), सुभाष परमार (पुणे), चांदमल एस. हिंगड़ (रानी), माणिकमल पी. मेहता (नाडोल) का समावेश है।
- जीतो के वाशिंगटन डीसी चैप्टर का शानदार लॉन्चिंग
भूपेश मेहता चेयरमेन, राहुल जैन चीफ सेक्रेट्री, महिला विंग की चेयरपरसन बेला गांधी शताब्दी गौरव वाशिंगटन डीसी। भारत सहित दुनिया के कई देशों में अपनी व्यावसायिक विकास की गतिविधियों के साथ साथ सेवा, सामाजिक एकता तथा शैक्षणिक विकास के लिये प्रयासरत संस्था जैन इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) के यूएसए-वाशिंगटन डीसी चैप्टर की एक भव्य समारोह में शानदार शुरूआत हुई। जीतो के वाशिंगटन डीसी चैप्टर की सफल लॉन्च की घोषणा के समय उद्घाटन समारोह में उपस्थित प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्तियों के चेहरों पर जबरदस्त खुशी देखी गई, क्योंकि जीतो की सफलता की दिशा में आगे बढऩे की यात्रा में जीतो के यूएसए- वाशिंगटन डीसी चैप्टर को एक और शानदार कदम के रूप में माना जा रहा है। जीतो के वाशिंगटन डीसी चैप्टर के लॉन्चिंग समारोह का आयोजन जीतो के एपेक्स प्रेसिडेंट अभयकुमार श्रीश्रीमाल की प्रमुख उपस्थिति में संपन्न हुआ। जीतो एपेक्स के सेक्रेटरी संजय लोढ़ा, जीतो इंटरनेशनल के एग्जिक्युटिव चेयरमेन महावीर मेहता, जीतो इंटरनेशनल के चीफ सेक्रेटरी महावीर जैन, जीतो यूएसए ज़ोन के संयोजक डॉ. सुशील जैन, और जेपॉइंट चेयरमेन अजय मेहता भी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे, जिन्होंने अपने मार्गदर्शन से जीतो के वाशिंगटन डीसी चैप्टर के लॉन्चिंग समारोह की शोभा बढ़ाई। इन सभी की सम्मानित उपस्थिति ने जीतो के वाशिंगटन डीसी चैप्टर के लॉन्चिंग समारोह को और भी महत्वपूर्ण बना दिय। जीतो का वाशिंगटन डीसी चैप्टर अपने सदस्यों और जैन समुदाय के प्रति बड़े पैमाने पर प्रतिबद्धता का प्रतीक है। वाशिंगटन डीसी में आयोजित यह भव्य कार्यक्रम जीतो तथा समस्त अप्रवासी जैन समाज के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुआ है। जीतो के वाशिंगटन डीसी चैप्टर के लॉन्चिंग समारोह के इस कार्यक्रम में आशाजी भी एक सम्मानित अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। इस कार्यक्रम में मोटिवेशनल स्पीकर और स्टोरी टैलर शांतिलाल गोलेचा के प्रेरक शब्दों ने सभागार में उपस्थित लोगों के कानों को गूंजायमान करते हुए दिल को चिंतन करने को मजबूर कर दिया। गोलेचा के प्रेरक प्रवचन से लोगों में उत्साह का संचार हुआ और उद्देश्य की भावना को बढ़ावा मिला। इस कार्यक्रम में सेन चैप पीटरसन, डेल होली सी बोल्ड और शेखर नरसिम्हा सहित प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति नेजीतो के वाशिंगटन डीसी चैप्टर के लॉन्चिंग समारोह को जीवंत बनाने में योगदान दिया और जीतो की प्रत्येक पहल के लिए अपना योगदान देने का पहल की। जीतो यूएसए- वाशिंगटन डीसी चैप्टर के उद्घाटन अवसर पर, नवनियुक्त पदाधिकारियों की घोषणा की गई। अपने दूरदर्शी नेतृत्व के साथ चैप्टर का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपते हुए भूपेश मेहता को जीतो यूएसए-वाशिंगटन डीसी चैप्टर का चेयरमैन नियुक्त किया गया। इसके साथ ही राहुल जैन की विभिन्न विशेषज्ञताओं को देखते हुए चैप्टर के चीफ सेक्रेटरी के रूप में नियुक्ति की घोषणा की गई। जीतो यूएसए- वाशिंगटन डीसी चैप्टर में मजबूत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और संगठन के भीतर सर्वसमावेशिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रीमती बेला गांधी को चैप्टर की महिला विंग की चेयरपरसन के रूप में नियुक्त किया गया। जीतो यूएसए-वाशिंगटन डीसी ने इस असवर पर नए सदस्यों का स्वागत किया। इस अवसर पर घोषणा की गई कि नए सदस्य अपनी उद्यमशीलता की भावना और परोपकार के प्रति प्रतिबद्धता से प्रेरित होकर, जीतो यूएसए – वाशिंगटन डीसी चैप्टर के कार्यक्रमों के विकास और संस्था के प्रभाव को विस्तार देने में सक्रिय रूप से योगदान देंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जीतो के विकसित होते संगठन के इतिहास में जीतो वाशिंगटन डीसी चैप्टर के लॉन्च को संस्था के सदस्यों की उद्यमशीलता को बढ़ावा देने, व्यावसायिक संबंधों काविस्तार करने और जैन समुदाय के भीतर सामाजिक पहल को विकसित में एक महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। जीतोयूएसए-वाशिंगटन डीसी चैप्टर के लक्ष्य समाज का एक सक्रिय व गतिशील नेटवर्क बनाना है जो समाज के प्रोफेशनल विकास को सहयोग कर सके तथा अभिनव प्रयासों को प्रोत्साहित करेताकि समाज में सकारात्मक परिवर्तन आने की राह आसान हो सके। जीतो के वाशिंगटन डीसी चैप्टर को जीतो की अंतर्राष्ट्रीय यात्रा में एक मील का पत्थर कहा जा सकता है, जो समाज के लोगों के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देने और सामाजिक सेवा के कार्यों प्रचार के अपने मिशन को आगे बढ़ाने में सफलता पूर्व काम कर रहा है। For more Updates Do follow us on Social Media Facebook Page-https:// www.facebook.com/shatabdigaurav Instagram - https://www.instagram.com/shatabdigaurav/ Twitter-https:// twitter.com/shatabdigaurav
- भारत जैन महामंडल द्वारा भगवान श्री महावीर स्वामी के २६२३ वें जन्म कल्याणक महोत्सव पर भव्य आयोजन
मुंबई। पिछले १२५ वर्षों से ज्यादा समय से जिनशासन के समग्र समुदाय का प्रतिनिधित्व करती संस्था भारत जैन महामंडल ने सभी जैन सम्प्रदायों की संस्थाओं के संयुक्त तत्वावधान में भगवान श्री महावीर स्वामी के 2623 वें जन्म कल्याणक महोत्सव पर भव्य समारोह का आयोजन किया जो ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय रहा। भारत जैन महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए सी सी डांगी के अनुसार रविवार, 21 अप्रैल,सुबह प्रात: 10.00 बजे से योगी सभागृह, दादर (ईस्ट) में परम पुज्य आचार्य श्री नयपद्मसागर सूरीश्वरजी महाराज, राष्ट्रसंत परम पुज्य श्री नम्र मुनि महाराज, परम पुज्य मुनि श्री कमल कुमारजी महाराज, परम पुज्य साध्वी श्री प्रखर वक्ता अक्षय ज्योतीजी महाराज आदि ठाणा के पावन सानिध्य में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में सभी संप्रदायो के आचार्य , साधु - साध्वी उपस्थित थे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि में सुप्रिम कोर्ट ऑफ इंडिया के न्यायमूर्ति संदिप मेहता, दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति डॉ. सुधीरकुमार जैन, मुंबई उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जितेंद्र जैन, विशेष अतिथि महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री मंगलप्रभात लोढा, सांसद मिलिंद देवड़ा, विधान सभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, प्रसिद्ध अधिवक्ता उज्वल निकम सहित कई संस्थाओं के पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस भव्य आयोजन में भारत जैन महामंडल के साथ साथ अनेक संस्थाओं एवं जैन संघो की सहभागिता रही। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलीत कर हुआ। श्रीमती रेणुका कोठारी ने मंगला चरण तथा भक्तिगीत की प्रस्तुति दी। सभी सम्माननिय अतिथियों का सम्मान शाल, मोमेण्टो एवं अभिनन्दन पत्र भेंट देकर मण्डल के अध्यक्ष सी सी डांगी, पूर्व अध्यक्ष एवं मार्गदर्शन सुभाषचंद्र रूणवाल एवं राकेश मेहता द्वारा किया गया। सभी आचार्य साधु गण, साध्वी श्री एवं अतिथियों ने अपने संबोधन में सभी को महावीर जन्म कल्याणक की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम का ओजस्वी संचालन उपाध्यक्ष बाबुलाल बाफऩा ने अपने चिरपरिचित अंदाज से किया। मंडल के कोषाध्यक्ष मनोहर पारख ने सभी का आभार व्यक्त किया। उपस्थित सभी मेहमानों ने स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया। भोजन की सारी व्यवस्था भूपेन्द्र कोठारी के नेतृत्व में उनकी टीम द्वारा शानदार रूप से की गई। यह जानकारी मंडल के महामंत्री सुरेन्द्र दस्सानी एवं मंत्री पंकज झामर ने दी। For more updates do follow us on Social Media: Facebook Page-https:// www.facebook.com/shatabdigaurav Instagram - https://www.instagram.com/shatabdigaurav/
- जैन समाज के उद्योगपतियों से मिले मुख्यमंत्री शर्माराजस्थान में उद्योग लगाने का दिया निमंत्रण
मुंबई। प्रदेश में जैन समाज के संतों को राजकीय मेहमान का दर्जा देने वाले राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुंबई के बीकेसी स्थित सोफिटेल होटल में प्रदेश से जुड़े प्रवासी जैन समाज के उद्योगपतियों एवं वरिष्ठ समाजसेवियों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री शर्मा ने जैन समाज के लोगो से कहा कि आप लोग राजस्थान की ओर अपना रुख करें। मैं आपको निमंत्रण देता हूँ। आप प्रदेश के विकास में भागीदार बने राज्य सरकार की ओर से आपको हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी सहित सारी मूलभूत सुविधाए आपको हम प्रदान करेंगे। उन्होने कहा कि आपको महाराष्ट्र से भी ज्यादा सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इससे पूर्व मुख्यमंत्री शर्मा ने सभी का परिचय पूछा और सभी से सुझाव मांगे और व्यापरियों की माँगो को भी सुना। सेलो ग्रुप के चेयरमेन प्रदीप राठौड़ ने मुख्यमंत्री से कहा कि हम जल्द ही फालना में सेलों ग्रुप की यूनिट शुरू कर रहें हैं तो सीएम ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि हम तो आपको लेने ही आए हैं, जैन समाज की ओर से सेलों गु्रप के चेयरमेन प्रदीप राठौड़, नाहर ग्रुप के चेयरमेन सुखराज नाहर, इन्स्पीरा ग्रुप के चेयरमेन प्रकाश बी. जैन, आरएसबीएल के चेयरमेन पृथ्वीराज कोठारी एवं ऑथम ग्रुप के डायरेक्टर संजय डांगी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री राज के पुरोहित, भारत सरकार के राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के चेयरमेन सुनील सिंघी, डॉ गौतम भंसाली, चम्पालाल वर्धन, एमटीसी ग्रुप के मनोज मेहता, पोपट सुन्देशा, घनश्याम मोदी, पारस गुलेच्छा, सीए केसी जैन, ओमप्रकाश कानुगो, घेवरचंद संघवी, किशोर खाबिया, भाजप नेता नरेश ओझा, प्रवीण धोका सहित कई गणमान्य उपस्थित थे। For more updates do follow us on Social Media: Facebook Page- https:// www.facebook.com/shatabdigaurav Instagram - https://www.instagram.com/shatabdigaurav/
- कटारिया बोले – प्रवासियों का मातृभूमि प्रेम वंदनीय
शताब्दी गौरव मुंबई। असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा है कि देश कि अर्थव्यवस्था एवं राजस्थान के विकास में प्रवासी राजस्थानियों का महत्वपूर्ण योगदान है। कटारिया ने कहा कि प्रवासियों का अपनी मातृभूमि से प्रेम वंदनीय है। कटारिया ने मुंबई में प्रवासी राजस्थानी समाज की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों राजेन्द्र लोढ़ा, गणपत कोठारी, विनोद लोढ़ा, धनपत देसरला, महावीर लोढ़ा, नरेन्द्र परमार, सुरेश परमार, शांतिलाल जैन, जगदीश मेहता, ललित शक्ति, नवलसिंह सुराणा, मुकेश वर्धन आदि से मुलाकात में कहा कि राजस्थान से दूर रहकर भी प्रवासी राजस्थानियों ने अपनी माटी से जुड़ाव बनाए रखा है एवं प्रदेश की जनता की हर तकलीफ में मदद के लिए वे हमेशा तैयार रहते हैं। राज्यपाल कटारिया गुवाहाटी से तिरूपति की यात्रा के दौरान कुछ समय के लिए मुंबई में ट्रांजिट विजिट पर थे। इस अवसर पर सांताक्रूज स्थित राजूभाई लोढ़ा के निवास पर विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से जुडे पदाधिकारी और प्रवासी राजस्थानी समाज के प्रतिष्ठित लोगों ने उनसे मुलाकात की एवं उनकी सेवाओं की सराहना करते हुए उनका अभिनंदन किया साथ ही लंबे सफलतम राजनीतिक जीवन की तरह ही राज्यपाल के रुप में भी उनकी सफलता की शुभकामनाएं दी। अपनी मुंबई यात्रा के दौरान असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने शताब्दी गौरव से विशेष बातचीत में कहा कि प्रवासी राजस्थानी समाज की सहयोग करने की प्रवृत्ति एवं क्षमता पर न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश को गर्व है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के उद्यमियों ने देश के हर क्षेत्र में नाम कमाया है। आजादी से लेकर अब तक बांगड़, बिड़ला, गोयनका, मित्तल, अग्रवाल, सिंघानिया, बजाज सहित कई घरानों ने भारत की आर्थिक उन्नति में अहम योगदान दिया है। असम में भी प्रवासी राजस्थानी हमेशा समाज की सेवा के लिए आगे रहे है। कटारिया ने शताब्दी गौरव से इस विशेष मुलाकात में कहा कि राजस्थान आज तेज गति से प्रगति कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देश के विकास की योजनाओं एवं नीतियों की सराहना करते हुए कटारिया ने शताब्दी गौरव से इस विशेष बातचीत में कहा कि मोदीजी ऐसी योजनाएं लेकर आए हैं, जिससे उद्यमी आसानी से निवेश कर सकें। राज्यपाल कटारिया ने राजस्थान के विकास पर चर्चा करते हुए कहा कि अब राजस्थान की पहचान अकाल और सूखे से नहीं बल्कि तेजी से बढ़ते राज्य के रूप में होती है, तो इसके पीछे भैरोसिंह शेखावत एवं वसुधरा राजे के नेतृत्व में लागू हुई योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। कटारिया ने प्रवासी राजस्थानियों के सामाजिक सद्भाव की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुंबई में रहकर भी हर जातिवर्ग एवं समाज के लोग परस्पर भाईचारें के साथ रहकर अपने गांव, जिले एवं प्रदेश के विकास में सहयोग करने के लिए हर तरह से तैयार रहते है यह एक अनुकरणीय उदाहरण है। For more Updates Do follow us on Social Media Facebook Page-https:// www.facebook.com/shatabdigaurav Instagram - https://www.instagram.com/shatabdigaurav/ Twitter-https:// twitter.com/shatabdigaurav
- गणपतराज चौधरी
मेहनत और हिम्मत से सजाया जिंदगी का आसमान कस्तुरी मृग की नाभि में होती है। लेकिन सुगंध हर तरफ बिखरती है। उसी प्रकार अच्छे व्यक्तियों की अच्छाई और अच्छे काम उन्हें परोपकार से जोडती है। गणपत चौधरी कई संस्थाओं से जुडक़र समाज की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। जीवन जीना एक कला है और यह कला जिसे आ गई उसने तो मानो जीवन के मर्म को ही समझ लिया। उसे फिर जीवन में कोई भी नही हरा सकता है फिर चाहे वो व्यक्ति हो या फिर परिस्थितियां। और यही वजह है कि ऐसे लोग तटस्थ होकर जीवन के सभी रंगों को समान रूप से जीते हैं और खुश रहते हैं। ऐसे ही लोगों में गणपतराज लालचंदजी चौधरी का नाम शामिल है जो कि जीवन को जीने में यकीन रखते है फिर चाहे कैसी भी स्थिति हो अपने यकीन को डगमगाने नहीं देते हैं। जीवन के प्रति उनकी सकारात्मकता ही उन्हें सदैव कर्मपथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देती है। राजस्थान के बाड़मेर के सिवाणा में पिता लालचंदजी चौधरी और माता मथरादेवी चौधरी के घर 23 मार्च 1963 को गणपत चौधरी का जन्म हुआ। जहां माताजी से संस्कार मिले वहीं पिता से जीवन के सकारात्क सोच मिली। पूत के पांव पालने में ही नजर आते हैं, वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए गणपत चौधरी में बचपन से ही आगे बढने और कुछ अलग करने की चाह थी। अपने माता और पिता से मिली सीख पर चलते हुए हर परिस्थिति में केवल जीत हासिल करनी है, ये तय कर लिया। सब कुछ इतना आसान भी नहीं था। कडी मेहनत और लगन को अपना हथियार बनाया और कर्मभूमि में उतर गए। बस साथ था तो मन में सफलता का विश्वास और इसी विश्वास के सहारे आगे बढने लगे। मद्रास विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक होने के बाद सोचा कि पढाई तो अब पूरी हो चुकी है अब उसे अमल में उसके बाद जीवन में लाना बाकी है बस फिर क्या था। लग गए अपने जीवन को दिशा देने में और इसके लिए हर प्रकार की मेहनत करने लगे। अपनी दूरदर्शिता के दम पर ही दो कंपनी रिद्धि सिद्धि ग्लूको बायोल लिमिटेड एवं श्रीराम न्यूजप्रिंट लिमिटेड की शुरूआत की और आज वो दोनो ही कंपनियों के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। साल 1983 में व्यापार की शुरूआत की और 35 सालों के अथक प्रयास और मेहनत से कंपनी को सफलता की उचांईयां प्रदान की। वर्तमान में ग्लूको बॉयल 30 देशों में अपना निर्यात कर रहा है और उसकी सफलता और काम को देखते हुए स्टार्च बनाने वाली विश्व की तीसरे नंबर की कंपनी रॉकेट फ्रेरेस जो कि फ्रांस की है, ने रिद्धि सिद्धि ग्लूको बायोल में 14.9 प्रतिशत का निवेश किया। आज ग्लूको बायोल के पास लगभग 500 से ज्यादा ग्राहक हैं जिसमें देश और विदेश की कई बडी कंपनियां शामिल हैं। गणपत चौधरी के नेतृत्व में साल 2012 -2013 में रिद्धि सिद्धि ग्लूको बायोल लिमिटेड ने 1300 करोड का टर्नओवर किया जिसके बाद में कंपनी सबसे अधिक मुनाफा कमाने वाली कंपनी बन गई। वर्तमान में गणपत चौधरी इसके अलावा स्टार्च, पेपर, रिन्यूएबल एनर्जी, इनवेस्टमेंट, ट्रेडिंग और रियल स्टेट के कारोबार से जुडे हुए हैं। कहते हैं हर सफल आदमी के पीछे एक महिला का हाथ का होता है और गणपत चौधरी के इस सफलता के पीछे उनकी धर्मपत्नी श्रीमती राजुलदेवी चौधरी का हाथ रहा है। जो हर वक्त अपने पति के साथ खडी रही फिर चाहे वक्त अनुकूल हो या फिर प्रतिकूल। उन्होंने घर को सम्हाला बच्चों को अच्छी परवरिश दी और साथ ही परिवार एवं दूसरे रिश्तों को भी सम्हाला जिसमें गणपत चौधरी को पूरा सहयोग रहा। दोनो ने मिलकर एक दूसरे का साथ दिया और जीवन को गति दी। समय बीता पुत्र सिद्धार्थ चौधरी, पुत्रवधू श्रीमती कविता सिद्धार्थ चौधरी, बेटियां सिद्धि नयन शाह और रिद्धि अंकित लोढा का साथ मिला और ऐसा लगा जैसे मानो ईश्वर ने जीवन की सारी खुशियां दे दी। जीवन की सम्पूर्णता इसे सम्पूर्ण तरीके से जीने में है और इसके लिए आवश्यक है जीवन के सभी रंगों को आत्मसात करते हुए आगे बढने की। गणपत चौधरी ने भी जीवन में इसे ही मंत्र बनाया वैसे इनका मानना है कि हर व्यक्ति को अपनी हर भूमिका भलीभांति निभानी चाहिए और उसमें सफल होने का प्रामाणिक प्रयत्न ही उनके जीवन का लक्ष्य होना चाहिए। आज आप अपने परिवार के वात्सल्यमूर्त मुखिया तो हैं ही साथ ही अपने भाई बहनो एवं उनके परिवार के लिए मार्गदर्शन का स्त्रोत भी हैं। जीवन के हर उतार चढाव में अपनो को साथ लेकर आगे बढने की कला गणपत चौधरी से सीखने लायक है। अपने परिवार की तरह इन्होंने अपने व्यापार और साथ काम करने वालों को भी परिवार की तरह ही प्यार और विश्वास दिया परिणामस्वरूप व्यापार में भी खूब तरक्की की और आज अनेकों प्रकार के व्यापार से जुडे हुए हैं। क्योंकि आप मानते हैं कि व्यक्ति को अपना हर दिन कल से बेहतर बनाने के लिए प्रयत्नशील रहना चाहिए। सामाजिक एवं धार्मिक कार्यो में बढचढकर हिस्सा लेते हैं और तन, मन एवं धन हर प्रकार से विकास में अपना योगदान भी देते हैं। जिस प्रकार कस्तुरी मृग की नाभि में होती है लेकिन उसकी सुगंध हर तरफ बिखरती है उसी प्रकार अच्छे व्यक्तियों की अच्छाई और अच्छे काम उन्हें लोगों से और फिर परोपकार से जोडती है। इसी तरह से गणपत चौधरी की अच्छाईयों ने उन्हें ना केवल ख्याति दिलाई बल्कि समाज की भलाई के लिए काम करने वाली कई संस्थाओं से जुडक़र समाज की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। वे श्रमण आरोग्यम, जीतो अपेक्स का वैयावच्च केंद्रित उपक्रम के चेअरमैन का कार्यभार सम्हालने के साथ राजस्थान सेवासमिति अहमदाबाद के अध्यक्ष हैं। इसके साथ ही आप ट्रस्टी, युवा अनस्टॉपेबल और जीतो मैनेजिंग एवं मैनेजमेंट प्रोग्राम, मैनेजिंग कमिटी व अहमदाबाद मैनेजमेंट असोसिएशन के गवर्निंग बोर्ड के सदस्य, और गुजरात चेम्बर ऑफ कामर्स और इंडस्ट्री के सदस्य, लायंस क्लब ऑफ अहमदाबाद कर्णावती के अध्यक्ष रह चुके हैं। इस सबके साथ ही गणपत चौधरी को सम्मान एवं अवार्ड भी खूब सारे मिले। तात्कालीन राष्ट्रपति स्वर्गीय अब्दुल कलाम आजाद के हाथों सम्मानित किया गया। और लायंस क्लब ऑफ कर्णावती के विशिष्ट अध्यक्ष भी घोषित किए गए। इन सभी पक्षों को समान रूप से जीने वाले गणपत चौधरी के जीवन के सभी पहलू एक समान महत्वपूर्ण होते हैं और गया वक्त फिर वापस नहीं आता है इसलिए सभी पहलुओं पर बराबर ध्यान देना चाहिए। इनका कहना है कि जीवन को साहस के साथ जीना चाहिए। साथ ही वर्तमान स्थिति को समझते हुए भविष्य के निर्णय लेना चाहिए। जहां तक इनकी खुद की बात है तो बता दें कि इनका परिवार, टीम और डेस्टिनी सभी मिलकर मुझे सफल बनाते हैं। और ये तीनो अगर सही मायने में आपके साथ हों तो सफलता निश्चित ही मिलती है। समाज के बिना व्यक्ति अस्तित्वहीन है। समाज का निर्माण हम सभी लोगों से है इसलिए उसके सहयोग या साथ के बिना कुछ भी संभव नहीं है इसलिए हम जितना परिवार के लिए करते हैं उतना ही ध्यान समाज का भी रखना चाहिए और उसकी बेहतरी के लिए जितना संभव हो कार्य करना चाहिए। जीवन की भागदौड और जिम्मेदारियों के बीच शौक ही जो जीवन को वापस तरोताजा कर देते हैं और जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण देते है। इसलिए हर दिन वो जीवन की व्यस्तता से अपने लिए कुछ समय अवश्य निकाल लेते हैं जो कि नितांत उनका होता है। संगीत, ध्यान और धर्म के लिए भी समय निकाल लेते हैं। गणपत चौधरी का मानना है कि सामाजिक कार्य, धार्मिक कार्य और कारोबार हमेशा करते रहना चाहिए। गणपत चौधरी का उद्देश्य जीवन को सम्पूर्ण तरीके से जीना है। हर व्यक्ति जीवन में कुछ ना कुछ सीखाता है। हमें सदैव विद्यार्थी बने रहना चाहिए। जीवन में धर्म बहुत महत्वपूर्ण रहता है। गणपत चौधरी का कहना है कि जैन धर्म में मेरी निष्ठा है और गुरू भगवंत से प्रेरणा लेते रहना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। शताब्दी गौरव के बारें गणपत चौधरी का कहना है कि शताब्दी गौरव सच में कामयाबी की सीढियां चढ चुका है और अव्वल नंबर का अखबार बन चुका है मुझ यकीन है कि आने वाले समय में इसकी चमक और सुनहरी हो जाएगी।
- बीकानेर हिसार ट्रेन का नाम केशरियाजी एक्सप्रेस करने की मांगउद्योगपति प्रकाश सी कानूगो ने रेल मंत्री को दिया ज्ञापन
मुंबई। बीकानेर हिसार ट्रेन संख्या 22475/22476 एवं मुम्बई बांद्रा से ट्रेन संख्या 22901/22902 का नाम बदलकर केशरिया जी एक्सप्रेस करने के लिए उद्योगपति प्रकाश सी कानूगो रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुंबई भाजपा कार्यालय में विशेष मुलाकात करके यह मांग की। श्री कानूगो ने रेलमंत्री को बताया कि जैन समाज में केशरियाजी तीर्थ की अपरंपार महिमा है। प्रतिवर्ष हजारों यात्री जैन तीर्थ केशरियाजी में दर्शन करने हेतू जाते है। श्री कानूगो के साथ पूर्व विधायक अतुल शाह सामिल थे। श्री कानूगो ने रेलमंत्री को बताया कि केशरियाजी तीर्थ से जैन समाज की धार्मिक आस्था एवं अस्मिता जुड़ी हुई है। इसलिए इस ट्रेन का नाम केशरियाजी एक्सप्रेस रखा जाए। रेलमंत्री ने इस बारे में सकारात्मक आश्वासन दिया गया। ज्ञात रहे कि गज मंदिर के अध्यक्ष बाबूलाल बोहरा, उपाध्यक्ष मांगीलाल परमार, सचिव गजेंद्र भंसाली एवं सलाहकार प्रकाश स्टीलेज लिमिटेड के प्रकाश सी कानूगो कई वर्षों से इस मांग को लेकर प्रयत्नशिल है।














