Search Results
143 results found with an empty search
- गोरेगांव में आचार्य श्री विश्वरत्न सागर सूरीश्वरजी महाराज का भव्य चातुर्मास प्रवेश
शताब्दी गौरव मुंबई। आध्यात्मिक आराधना और आत्म कल्याण का पर्व हैं चातुर्मास। चातुर्मास में जितनी धर्म आराधना करो कम हैं। संतों के अध्यात्म एवं शुद्धता से अनुप्राणित आभा मंडल समूचे वातावरण को शांति, ज्योति और आनंद के परमाणुओं से भर देता है। वे कर्म संस्कारों के रूप में चेतना पर परत-दर-परत जमी राख को भी हवा देते हैं। इससे जीवन-रूपी सारे रास्ते उजालों से भर जाते हैं। लोक चेतना शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक तनावों से मुक्त हो जाती है। उसे द्वंद्व दुविधाओं से त्राण मिलता है। भावनात्मक स्वास्थ्य उपलब्ध होता है। उपरोक्त विचार श्री चिंतामणि पाश्र्वनाथ के सानिध्य में महामांगलिक आद्य प्रणेता तीर्थोद्धारक, जीरावला तीर्थ मार्गदर्शक, मालवभूषण परम पूज्य आचार्य श्री नवरत्नसागर सूरीश्वरजी महाराज के शिष्य गुरु नवरत्न कृपा प्राप्त, युवाहृदय सम्राट, सूरिमंत्र आराधक परम पूज्य आचार्य श्री विश्वरत्नसागर सूरीश्वरजी महाराज चातुर्मास प्रवेश के बाद राजस्थान हॉल में विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि 4 माह की धर्म साधना आराधना कर हम भी अपने मन के विकारों को दूर करें और मनुष्य जीवन के महत्व को समझते हुए अपने जीवन को सार्थक करें, और परंपरागत शाश्वत सिद्ध धाम की ओर अग्रसर हो धर्मसभा में सेलो गु्रप के प्रदीप राठौड एवं संघ अध्यक्ष प्रवीण कोठारी ने चातुर्मास व्यवस्था एवं संचालन की बड़ी जिम्मेदारी उठाने की घोषणा की। डेढ़ किलोमीटर चली प्रवेश यात्रा में देश के अनेक राज्यों से गुरु भक्त उपस्थित हुए। चातुर्मास प्रवेश के दिन प्रथम गुरु पूजन का लाभ रांका ज्वेलर्स के ओमप्रकाश रांका एवं कांबली वोहराने का लाभ रानी स्टेशन गोरेगांव निवासी आसूलाल अनराजजी कोठारी परिवार ने लिया। संगीतकार अनिल गेमावत द्वारा भक्ति कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन भरत एन. कोठारी ने किया। कार्यक्रम के बाद आचार्य श्री ने विभिन्न राज्यों से नवरत्न परिवार के सदस्यों को 1500 जिनालयो मैं दोष शुद्धि एवं जीर्णोद्वार के लिए प्रेरणा की। सभी ने गुरुदेव को आश्वस्त किया की शीघ्र ही इस कार्य को अमल में लाया जाएगा। चातुर्मास के दौरान नियमित प्रवचन के अलावा अनेक धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा। चातुर्मास को लेकर संघ में जबरदस्त उत्साह हैं। For more Updates Do follow us on Social Media Facebook Page-https:// www.facebook.com/shatabdigaurav Instagram - https://www.instagram.com/shatabdigaurav/ Twitter-https:// twitter.com/shatabdigaurav
- फोर्ब्स २०२४ : दुनिया की सुपर रिच लिस्ट में 200 भारतीय शामिलअमीरों की लिस्ट में 25 नए नाम
मुंबई। भारत के अमीर न केवल ज्यादा अमीर हो रहे हैं, बल्कि उनकी संख्या भी लगातार बढ़ रही है। फोर्ब्स 2024 की लिस्ट में इस साल 31 भारतीय अमीर जुड़े हैं। पिछले साल इनकी संख्या 169 थी, जो इस साल बढक़र 200 हो गई है। इनमें से 25 पहली बार इस लिस्ट में शामिल हुए हैं। रिलायंस के मुकेश अंबानी एशिया के सबसे अमीर शख्स हैं। 100 बिलियन डॉलर क्लब में शामिल होने वाले वे पहले एशियाई हैं। जबकि गौतम अदाणी एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति हैं। इन भारतीय अमीरों की दौलत भी 41 प्रतिशत बढ़ी है। For more updates do follow us on Social Media: Facebook Page- https:// www.facebook.com/shatabdigaurav Instagram - https://www.instagram.com/shatabdigaurav/
- मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड ने किया आईआईएम मुंबई के साथ एमओयूइसका उद्देश्य वित्तीय बाजार अनुसंधान एवं जागरूकता को बढ़ाना है
मुंबई। विविध वित्तीय सेवा कंपनी मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड ने आईआईएम मुंबई के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर करके एक अनूठी रणनीतिक यात्रा शुरू की है। इस विशिष्ट साझेदारी का उद्देश्य अनुसंधान, सतत शिक्षा और विकास के माध्यम से परिसर में वित्तीय और पूंजी बाजार की समझ में क्रांतिकारी बदलाव लाना है, इसके बाद नवीन प्रक्रियाओं और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना है। इस एमओयू से मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड को आईआईएम मुंबई के छात्रों के लिए परिसर में पूंजी बाजार पर सामग्री और अनुसंधान बनाने के लिए आईआईएम मुंबई के साथ साझेदारी करने में सक्षम करेगा। मोतीलाल ओसवाल का लक्ष्य आईआईएम मुंबई के छात्रों के लिए सीखने के उद्देश्य से भारत का अपनी तरह का पहला लाइव ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म स्थापित करना भी है। संयुक्त सहयोग के माध्यम से मोतीलाल ओसवाल के अधिकारी संस्थान के साथ नवाचार, उद्यमिता और वित्तीय साक्षरता प्रयोगशालाएं स्थापित करने के साथ-साथ छात्रों के लिए पूंजी बाजार पर प्रासंगिक पाठ्यक्रम विकसित करने में मदद करने के लिए भी काम करेंगे। इस प्रयास के माध्यम से, आईआईएम मुंबई मोतीलाल ओसवाल अधिकारियों के लिए अनुकूलित प्रशिक्षण कार्यक्रम और डिजाइन भी वितरित करेगा, और संयुक्त अनुसंधान और केस लेखन में भी भाग लेंगे। दो साल की शुरुआती अवधि के लिए निर्धारित यह एमओयू दीर्घकालिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस गठबंधन के बारे में बात करते हुए, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के एमडी और सीईओ मोतीलाल ओसवाल ने कहा, कम्पनी में निरंतर सीखना और विकास करना एक संस्कृति है। हम व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में निवेश करते हैं जो हमारे कार्यबल के लिए आवश्यक कौशल और दक्षताओं को विकसित करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं ताकि वे अपने कार्यों में सफल हो सकें और उन्हें संगठन के भीतर वरिष्ठ भूमिका निभाने के लिए प्रशिक्षित कर सकें। वित्तीय समावेशन के लिए हमारा दृष्टिकोण ज्ञान-आधारित प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे के विकास तक भी फैला हुआ है। आईआईएम मुंबई के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी हमारे अधिकारियों को महत्वपूर्ण प्रबंधन अंतर्दृष्टि और कौशल के साथ सशक्त बनाने के साथ-साथ अकादमिक हस्तक्षेप के माध्यम से वित्तीय समावेशन में योगदान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमें आईआईएम मुंबई के साथ इस यात्रा को शुरू करने पर गर्व है, विश्वास है कि इससे हमारी टीम और व्यापक समुदाय को परिवर्तनकारी लाभ मिलेंगे। एमओयू के कार्यान्वयन के उद्घाटन चरण के रूप में, मोतीलाल ओसवाल ने आईआईएम मुंबई में पहले दिन नए बैच के साथ अपने जीवन की सीख साझा की। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड एक वित्तीय सेवा कंपनी है। इसकी पेशकशों में पूंजी बाजार व्यवसाय (खुदरा ब्रोकिंग, संस्थागत ब्रोकिंग और निवेश बैंकिंग), संपत्ति और धन प्रबंधन (परिसंपत्ति प्रबंधन, निजी इक्विटी और धन प्रबंधन), हाउसिंग फाइनेंस और इक्विटी-आधारित ट्रेजरी निवेश शामिल हैं। मोतीलाल ओसवाल में लगभग 11,300 कर्मचारी कार्यरत हैं और यह भारत में 98 प्रतिशत पिन कोड को कवर करने वाले 2500+ व्यावसायिक स्थानों के 550+ शहरों में वितरण पहुंच के माध्यम से 70 लाख ग्राहकों को सेवा प्रदान करता है। मोतीलाल ओसवाल का एसेटस अंडर एडवाइज 3.8 लाख करोड़ रुपये है। मोतीलाल ओसवाल की मार्केट कैपिटलाइजेशन करीबन 38000 करोड़ रुपये है
- लायंस के ‘आओ खुशियां बांटेंÓ आयोजन में ७०० बच्चें के चेहरों पर बिखरेगी मुस्कान
कलेक्टर मेहता सहित अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति में आयोजन १३ अगस्त को शताब्दी गौरव रानी गांव। गोड़वाड़ के प्रमुख कस्बे रानी गांव में आजादी की ७५ वीं जयंति पर ‘आओ खुशियां बांटेÓ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में मातुश्री धनवंतीबेन तिलोकचंदजी मुठलिया परिवार द्वारा ७०० नन्हें मुन्ने छात्रों को ७००० बहुपयोगी व्यक्तित्व विकसित करनेवाले ज्ञानवर्धक खिलौनों का वितरण किया जायेगा। पूज्य गुरूदेव विश्वोदय कीर्तीसागरजी महाराज (वीके गुरूजी), साध्वी रत्नयशा श्रीजी एवं साध्वी दक्षरत्ना श्रीजी की निश्रा में १३ अगस्त को यह आयोजन होगा। पाली के जिला कलेक्टर नामित मेहता सहित कई अधिकारी भी इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। रानी गांव के श्री सुपाश्र्वनाथ जैन देवस्थान पेढी ट्रस्ट मंडल, जैन युवक सेवा दल आदि की उपस्थिति में आजादी के 75 वें स्वर्णिम गौरवमयी उत्सव के उपलक्ष में यह कार्यक्रम होगा। यह आयोजन लायन्स क्लब रानी के तत्वावधान में आयोजित किया जाना हैं। ‘आओ खुशियां बांटेÓ अभियान के तहत रानीगांव की 2 स्कुलों में पढने वाले तकरीबन 700 बच्चों को बहुउपयोगी वस्तुओं सहित 7000 खिलौने वितरित किये जायेंगे। मातुश्री धनवंतीबेन तिलोकचंदजी मुठलिया परिवार के पोपटलाल मुठलिया, जुगराज मुठलिया, ललित मुठलिया एवं रविन्द्र मुठलिया के सौजन्य से यह आयोजन हो रहा हैं। 13 अगस्त, को सुबह 9 बजे से न्याति नोहरा रानीगांव में यह कार्यक्रम आयोजित होगा। ‘आओ खुशियां बांटेÓ कार्याक्रम में पाली के जिला कलेक्टर नमित मेहता, पुलिस अधीक्षक, रानी पुलिस निरीक्षक, रानी नगर पालिका अध्यक्ष, लायन्स क्लब रानी अध्यक्ष, रानी गांव के सरपंच, उप सरपंच, एंव सदस्यगण, राधे कृष्ण गौशाला ट्रस्ट मंडल के सदस्यों सहित कई गणमान्य नागरिक इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। मुठलिया परिवार ने ग्रामजनों से इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग की अपील की हैं। For more Updates Do follow us on Social Media Facebook Page-https:// www.facebook.com/shatabdigaurav Instagram - https://www.instagram.com/shatabdigaurav/ Twitter-https:// twitter.com/shatabdigaurav
- शेखावत ने किया नाहर अस्पताल भीनमाल का दौरा – सुखराज नाहर के प्रयासों की सराहना
शताब्दी गौरव भीनमाल। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने अपने भीनमाल आगमन के दौरान यहां के प्रतिष्ठित नाहर अस्पताल का भी दौरा किया और नाहर अस्पताल में उपलब्ध सभी अत्याधुनिक मेडिकल सेवाओं का जायजा लिया नाहर अस्पताल पहुँचने पर अस्पताल के सीईओ डॉ. उमेश निश्चत, मदन शर्मा और हॉस्पिटल के सभी स्टाफ ने श्री शेखावत का स्वागत किया एवं अस्पताल में उपलब्ध सभी अत्याधुनिक मेडिकल सुविधाओं के बारे में अवगत कराया। श्री शेखावत ने चेयरमेन सुखराज नाहर के प्रयसों की सराहना करते हुए कहा की नाहर अस्पताल में इमरजेंसी ट्रीटमेंट, आई सी यू, ब्लड रिपोर्ट्स, एमआरआई, सी टी स्कैन और ब्लड बैंक सहित सभी अत्याधुनिंक मेडिकल सुविधाएँ उपलब्ध है और इतना अच्छा हॉस्पिटल बनाना भी एक पुण्य का काम है। ईश्वर सुखराज नाहर एवं उनके परिवार को सुख और समृद्धि दे। साथ ही पूरे अस्पताल के स्टाफ को उनकी सेवाओं के लिए शुभकामनाएं दीं। For more Updates Do follow us on Social Media Facebook Page-https:// www.facebook.com/shatabdigaurav Instagram - https://www.instagram.com/shatabdigaurav/ Twitter-https:// twitter.com/shatabdigaurav
- मानव को छोडो प्रकृति को जोडो – डा. मुनिराज श्री लाभेश विजय महाराज
मानव के विकास के चिंतन को छोड प्रकृति के विकास का चिंतन करना होगा। प्रकृति के विकास का चिंतन करने मात्र से कुछ नहीं होगा। प्रकृति का विकास और उसकी पूर्ण सुरक्षा ही हमारा ध्येय होना चाहिए। बहुत दिनों बाद एक गोरैया (चिडिया) दिखी गाँव खेडे- जंगल में तो आज भी फुदकती, – चहकती दिखाई देती लेकिन लगता है गोरैया ने अब शहर में आना-रहना छोड सा दिया है। कभी बगीचे-आंगन-कमरे खिडक़ी पर बेफिक्र सी चहकती-फुदकती या घर में लगे दर्पण पर में दिखाई देने वाले अपने ही प्रतिबिंब पर बार-बार चोंच मारती गोरैया शहरनुमा सीमेंट कांक्रिट के जंगल से दूर गाँव खेड़े के असली जंगल में चली गयी है? गोरैया अब शहर लौटेगी या नहीं? आंगन-खिडक़ी-कमरे में उसका चहकना-फुदकना अब एक सपना या दंत कथा तो नहीं रह जाएगी गोरैया? आदमी की दुनिया में पशू-पक्षी, पेड़-पौधों के लिए अब कोई जगह ही नही बची। पगडंडी रास्तों या घरों के आसपास पेड़-पौधे और जो घने वृक्ष थे उन्हें आदमी ने अपनी-सुख-सुविधा और अपने विकास के लिए उन्हें देश निकाला दे दिया, जो नहीं माने उनकी सरे-आम हत्या कर दी गई। पीढिय़ों से लहलहाते पेड़ पौधे-विशाल वृक्ष मानव की विकास यात्रा में बली चढ़ गए। जब इनकी हत्या हो गई तो बिचारे पशु-पक्षी व अन्य प्राणी भी शहर से पलायन कर गए। अब मानव उन जंगलों पर अपनी हत्यारी-आँख गडाए हुए है जो इनका (पशु-पक्षी व अन्य जीवों का) आश्रम स्थल है। उनका आश्रय स्थल छीन अपनी सुख-सुविधा के सामान बना रहा है। दूसरों का सब कुछ छीन स्वयं सुखी होने को ही अब शायद विकास कहा जाता है? आदमी प्रकृति का दुश्मन है? प्रकृति का हर प्रकार से दोहन कर, सुख-सुविधा, ऐशो-आराम के संसाधनो का अधिकाधिक संग्रहण करने में जुटा आदमी आज सचमुच ही प्रकृति का दुश्मन प्रतीत हो रहा है। पेट्रोल-डीजल-गेस व अन्य रासायनिक पदार्थो के प्रयोग से एक और जहाँ जहरीली ‘गेसÓ (हवाएं) धरती के वायु मंडल को बुरी तरह से प्रदुषित कर रही है वहीं आम आदमी के स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर, नई-नई बीमारियों के रुप में नजर आने लगा है। कई तरह की असाध्य बीमारियों ने पूरे विश्व को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। पेय जल प्रदुषित होता जा रहा है। नगरों की गंदगी, कारखानों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थो के नदियों में मिलने से शुद्ध पेयजल की लगातार कमी होती जा रही है। पेट्रोल-डीजल और कारखानों -फेक्ट्रियों से निकलने वाले धुएँ से सारा वायुमंडल प्रदूषित तो है ही, ‘ओजोनÓ की परत में छेद होने से धरती पर अनेकानेक कष्ट प्रद स्थितियाँ निर्मित हो गई है। रासायनिक उर्वरको के अत्यधिक प्रयोग से धरती की उपजाऊ क्षमता धीरे-धीरे कम होती जा रही है। अधिकाधिक नलकुपो के खनन से भूमि का जलस्तर नीचे और नीचे होता जा रहा है, रासायनिक पदार्थो के प्रयोग से धरती का तापमान अत्यधिक बढने लगा है। ‘ग्लोबल वार्मिंगÓ के कारण हिमालय व अन्य पर्वतों पर जो हिमनद (ग्लेशियर) है वे अत्यधिक तीव्र गति से पिछलते जा रहे हैं। गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र जैसी बड़ी नदियां धीरे-धीरे सूखती जा रही है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आनेवाले ३०-४० साल बाद विश्व में पेयजल का संकट गहरा हो जाएगा। ग्लोबल वार्मिंग के कारण ही अंटार्कटिक दक्षिणी ध्रुव और उत्तरी ध्रुव सहित हिमखंड पिघलने के कारण समुद्र की सतह बढ़ सकती समुद्र को सतह बढने के समुद्र अपनी मर्यादा तोडकर समुद्र के किनारे स्थित बडे-बडे महानगरे के पूर्णत: नहीं तो ७० प्रतिशत ७५ प्रतिशत तक नष्ट कर सकता है। अब भी नहीं चेते तो फिर कब चेतेंगे। जिस हमने नष्ट किया है तो अब नया बनाना पडेगा। प्रकृति की ओर लौटना पडेगा। पिछले दिनों एक विज्ञान पत्रिका में मन को गहरा आघात पहंूचाने वाली रिपोर्ट पढ़ी। वैज्ञानिकों का स्पष्ट मत है कि सन् २०५० तक एशिया के देशों में भयंकर खाद्यान्न संकट से आधी से अधिक आबादी ‘भूखÓ के कारण नष्ट हो जाएगी। मुझे यह रिपोर्ट पढक़र आज से छ: हजार साल पूर्व राजस्थान मरुभूमि नहीं था। चने थे, चारों और हरियाली थी। उन दिनों इस प्रदेश में सरस्वती नदी बहा करती। सरस्वती, सिंधु नदी से भी बड़ी नदी है। अम्बाला के आस-पास होती हुई कच्छ की खाडी में समुद्र से मिल जाती थी। कच्छ की खाडी में भूकंप आने के कारण मुहाना बंद हो गया और सरस्वती तथा उसकी सहायक दृशद्वती नदियाँ अपना पथ परिवर्तन करने लगी। एरिजोन शोध संस्थान जोधपुर के फलक को देखने पर यह पता चलता है कि यह धारा परिवर्तन एक बडे भू भाग पर अपना प्रभाव छोड गया। भीषण अकाल पड़ा। एक ऋषि द्वारा यह कटु सत्य स्वीकार किया गया है कि ‘मैने मरे हुए कुत्ते की अंतडियाँ उबाल कर खायीÓ मेरी आँखो के सामने, मु_ीभर दानो के लिए मेरी पत्नी की अवर्णनीय मर्मातक यातना से गुजरना पड़ा। यह ऋचा ऋग्वेद में उपस्थित है। इसके अलावा और किसी प्रमाण की आवश्यकता मानवता के साथ नग्न उपहास नहीं तो और क्या कहा जा सकता है। ऐसी दयनीय स्थिति से यदि बचना है, समस्त मानव व अन्य प्राणी समाज को बचाना है तो जागृत होना पडेगा। विकास के नाम पर जो कुछ बिना सोचे-समझे किया जा रहा है उसके दुष्परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। क्या हम अब भी सचेत नहीं होंगे? प्रकृति को बचाना है मानव व अन्य प्राणी समाज को यदि जीवित रखना है तो हमें प्रकृति संरक्षण, पेड़-पौधों के नये वन फिरसे तैयार करने होंगे। प्रकृति की ओर लौटना होगा। मानव के विकास के चिंतन को छोड प्रकृति के विकास का चिंतन करना होगा। प्रकृति के विकास का चिंतन करने मात्र से कुछ नहीं होगा। प्रकृति का विकास और उसकी पूर्ण सुरक्षा ही हमारा ध्येय होना चाहिए। पेट्रोल-डीजल आदि कार्बनिक व अन्य रासायनिक पदार्थ का उपयोग कम से कम कर पृथ्वी को और अधिक गरम होने से बचाना होगा। बुंद-बुद जल संग्रह करना होगा। नदियों को प्रदुषित होने से बचाने के लिए नदी के किनारे पर जितने भी कारखाने हैं उन्हें अन्य स्थानों पर स्थानान्तरित किया जाना चाहिए। पेय जल, नदियों के जल को दुषित होने से बचाना होगा। भारत भर में यदि ‘एक घर पाँच वृक्षÓ हो तो घरों के आस-पास जंगल में पुन: वृक्ष लहलहाने लगेगा। तापमान भी कम पेयजल की आपूर्ति के लिए लोगों को बुंद-बुंद का महत्व समझाना होगा ताकि जल का अपव्यय रुक सके। वस्तुत: अब हमें मानव का चिंतन छोड प्रकृति का चिंतन करना होगा। मानव को छोड प्रकृति को जोड़ो? क्या गोरैया फिर से लौट आएगी? क्या उसकी चह-चह से मन बच्चे सा फिर आनंदित हो उठेगा? आप क्या सोचते हैं। For more Updates Do follow us on Social Media Facebook Page-https:// www.facebook.com/shatabdigaurav Instagram - https://www.instagram.com/shatabdigaurav/ Twitter-https:// twitter.com/shatabdigaurav
- जी एस एक्सपोर्ट्स को FIEO एक्सपोर्ट एक्सीलेंस अवार्ड्स 2020-21 में मिली प्रतिष्ठित गोल्ड ट्रॉफी
शताब्दी गौरव मुंबई। निर्यात उद्योग में अग्रणी कंपनी जी एस एक्सपोर्ट्स को FIEO (पश्चिमी क्षेत्र) द्वारा आयोजित निर्यात उत्कृष्टता पुरस्कारों के 8वें और 9वें सेट में थ्री स्टार एक्सपोर्ट हाउस श्रेणी (MSME) में गोल्ड ट्रॉफी से सम्मानित किया गया है। सम्मानित पुरस्कार समारोह मुंबई में हुआ और इसमें महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस सहित प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान निर्यात क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान और अनुकरणीय प्रदर्शन की मान्यता में जीएस एक्सपोर्ट्स को गोल्ड ट्रॉफी प्रदान की गई। यह सम्मान अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में उत्कृष्टता, नवाचार और सतत विकास के प्रति जीएस एक्सपोर्ट्स की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। जी एस एक्सपोर्ट्स के सह-संस्थापक खुशवंत जैन ने कहा, FIEO एक्सपोर्ट एक्सीलेंस अवार्ड्स में गोल्ड ट्रॉफी प्राप्त करके हम बेहद सम्मानित महसूस कर रहे हैं। यह पुरस्कार हमारी टीम के समर्पण और हमारे वैश्विक ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और सेवाएँ प्रदान करने पर हमारे दृढ़ फोकस का एक प्रमाण है। मुंबई में आयोजित पुरस्कार समारोह में विभिन्न श्रेणियों में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले निर्यात घरानों की उपलब्धियों का वैश्विक मंच पर भारत के निर्यात को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जीएस एक्सपोर्ट्स की उपलब्धि पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। जी एस एक्सपोर्ट्स के सह-संस्थापक गणपत जैन ने कहा कि उनके प्रयासों को पहचानने के लिए FIEO और सम्मानित गणमान्य व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को प्राप्त करने से हमें उत्कृष्टता के लिए प्रयास जारी रखने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विकास के नए रास्ते तलाशने की प्रेरणा मिलती है। FIEO (पश्चिमी क्षेत्र) द्वारा निर्यात उत्कृष्टता पुरस्कार निर्यात समुदाय के भीतर मान्यता की एक बानगी है, जो असाधारण प्रदर्शन, नवाचार और टिकाऊ व्यावसायिक प्रथाओं का प्रदर्शन करने वाले संगठनों को सम्मानित करता है। जी एस एक्सपोर्ट्स निर्यात उद्योग में एक प्रसिद्ध नाम है, विशेषज्ञता तिलहन, मसाले, सूखे मेवे, अनाज, दालें आदि के निर्यात में। गुणवत्ता और ग्राहक संतुष्टि के प्रति प्रतिबद्धता के साथ, जी एस एक्सपोर्ट्स ने दुनिया भर में ग्राहकों की सेवा करते हुए वैश्विक बाजार में अपने लिए एक जगह बनाई है।
- सुराणा संघ रजि की आम सभा सम्पन्नमहीपाल सुराणा पुन: निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित
शताब्दी गौरव बेंगलूरु। होसूर रोड़ स्थित श्री सुसवाणी माता धाम में संघ चेयरमेन दिलीप सुराणा की उपस्थिति में श्री सुराणा संघ रजि की आम सभा का आयोजन हुआ। मंगलाचरण से प्रारंभ सभा में संघ अध्यक्ष महीपाल सुराणा ने सभी का स्वागत किया। संघ महामंत्री भीमराज सुराणा ने गत कार्यकाल की विस्तृत जानकारी दी। संघ के सह कोषाध्यक्ष प्रकाशराज सुराणा ने आय व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया। आम सभा में मुख्य धाम मोरखाणा हवाई यात्रा संघ प्रस्तावित होने के साथ सुसवाणी माता धाम में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों एवं अनुष्ठानों की व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा हुई। तीन वर्षीय कार्यकाल हेतु संघ के नए अध्यक्ष के लिए चेयरमेन दिलीप सुराणा ने निवर्तमान अध्यक्ष महीपाल सुराणा के नाम का प्रस्ताव रखा जिसे करतल ध्वनि से पारित किया गया। नव निर्वाचित अध्यक्ष ने महामंत्री के रूप में पुन: भीमराज सुराणा को मनोनीत किया और कहा की शीघ्र ही नई कार्यकारिणी व पदाधिकारियों की घोषणा होगी। यादगिरी से उपस्थित विनोद सुराणा ने बेंगलूरु संघ को पूरे कर्नाटक तक विस्तारित करने का अनुरोध किया। सभा में पूर्व अध्यक्ष रिखबचंद बारनी, राजेंद्र कुमार सुमेरपुर, सरदारमल बारनी व अशोक कुमार ईडवा ने भी अपने विचार रखे। आम सभा में मार्गदर्शक मंड़ल के विजयराज सुराणा, जयंत सुराणा, धर्मचंद सुराणा, एसवी सुराणा उपाध्यक्ष उत्तमचंद सोजत, सोहनलाल पिपाड़ सिटी, सहसचिव जतन बारनी व राजेश शेखावास, सहसंगठन मंत्री नरेंद्र सोजत, प्रचार मंत्री देवराज आऊवा, कार्यकारिणी सदस्य छित्तरमल सुराणा, नाहरमल सुराणा, अरविंद सुराणा, किशोर सुराणा, चैनराज सुराणा, सुनिल सुराणा, हुकमीचंद सुराणा सहित कई संघ सदस्य मौजूद थे।
- भारत के विकास को पंख लगते देख एमटीसी में बड़ा निवेश करेगी जापान की कंपनी
नए भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण कदम - नरेंद्र मेहता मुंबई। जापान की अग्रणी मेटल रीसाइक्लिंग कंपनी मित्सुई ने भारतीय कंपनी एमटीसी में बड़े निवेश के लिए अेग्रीमेन्ट साईन किया है। मित्सुई ने भारतीय कंपनी एमटीसी में यह निवेश आनेवाले कुछ ही दिनों में करेगी, जिसके बारे में मित्सुई के प्रबंधन बोर्ड ने फैसला ले लिया है। मित्सुई का मुख्यालय जापान के टोक्यो में है और एमटीसी मुंबई की कंपनी है, जिसके देश भर में 30 से ज़्यादा मेटल रिसाइकिलिंग प्रोजेक्ट हैं। इसका नेतृत्व नरेंद्र मेहता के हाथ में है। मुलत: सांडेराव (पाली) के प्रसिद्ध मारवाड़ी जैन बिजनेस फैमिली के नरेंद्र मेहता एमटीसी बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमेन व प्रबंध निदेशक हैं। इस निवेश के साथ ही भारत में एमटीसी मित्सुई की बड़ी सहयोगी कंपनी बन जाएगी। भारत के लिए इसे गर्व की बात कहा जा सकता है कि भारतीय कंपनी एमटीसी में निवेश का फैसला लेनेवाली मित्सुई ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में मुख्यालय वाली दुनिया की अग्रणी मेटल रिसाइकलिंग कंपनी सिम्स लिमिटेड में भी निवेश किया है, और टोक्यो के मिनाटो-कु में मुख्यालय वाली कंपनी एमएम केनज़ाई में भी निवेश किया है। एमटीसी के जरिए मित्सुई ने भारत सहित दुनिया भर में मेटल रिसाइकलिंग बिजनेस में विस्तार के लिए तेज कदम बढ़ाने का फैसला किया है। एमटीसी में मित्सुई इस निवेश के माध्यम से, भारत में एक रिसाइकलिंग सेक्टर में महत्वपूर्ण का हाथ बढ़ा रहा है क्योंकि भारत लगातार विकास की अपनी रफ्तार और तेज करता जा रहा है। एमटीसी बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमेन व प्रबंध निदेशक नरेंद्र मेहता ने जापान की अग्रणी मेटल रीसाइक्लिंग कंपनी मित्सुई के उनकी कंपनी में बड़े निवेश को नए भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण कदम बताया है। एमटीसी ग्रुप चार दशक से भी ज़्यादा पुराना बिजनेस हाउस संगठन है, जो आइएसओ 9001-2000, आइएसओ 14001-2004 प्रमाणित समूह है। एमटीसी ग्रुप ने अपने विश्वसनीय उत्पाद उपलब्ध कराने के साथ साथ सभी क्षेत्रों के ग्राहकों को जि़म्मेदार सेवाएं देने में विशिष्ट मानदंड स्थापित किए हैं। अपनी व्यापारिक प्रतिबद्धता, पारंपरिक नैतिकता और आधुनिक व्यावसायिक दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, एमटीसी ग्रुप ने अपने दृष्टिकोण से वैश्विक स्तर पर दीर्घकालिक संबंध बनाए हैं, उसी का परिणाम है कि जापान की अग्रणी मेटल रीसाइक्लिंग कंपनी मित्सुई ने भारतीय कंपनी एमटीसी में बड़े निवेश की तैयारी दर्शाई है। एमटीसी भारत के लौह और अलौह स्क्रैप क्षेत्र की बड़ी कंपनी मानी जाती है और इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि मेटल रीसाइक्लिंग इंडस्ट्री की देश की अग्रणी संस्था भारतीय मैटेरियल रिसाइकिलिंग एसोसिएशन (MPJ) की कमान भी एमटीसी के निदेशक संजय मेहता के हाथ है तथा इसके अध्यक्ष के रूप में भी संजय मेहता अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जापान की भारत के विकास पर गहरी नजर है। जापान यह अच्छे से समझ रहा है कि बीते कुछ सालों में भारत तेज आर्थिक विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। खास तौर से हाई-वे और हाई-स्पीड रेलवे प्रोजेक्ट सहित सडक़, रेलवे, पुल, बिल्डिंग्ज जैसा बुनियादी विकास का ढांचा भी बहुत तेजी मजबूत हो रहा है। इसके साथ ही भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी प्रोडक्शन लगातार बढ़ता जा रहा है। भारत के इस विकास को जापान समझ रहा है और इसमें सबसे महत्वपूर्ण तत्व स्टील की जरूरतों को भी समझ रहा है इसीलिए, भविष्य की संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए मित्सुई ने अपनी भारतीय सहयोगी कंपनी के रूप में एमटीसी से हाथ मिलाना तय किया है। भारत में एमटीसी देश की अग्रणी मेटल रीसाइक्लिंग कंपनी है और भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास की गति की गहनता को जानकर देश में हो रहे आधारभूत सुविधाओं के विकास की रफ्तार में एमटीसी के महत्व को समझते हुए ही मित्सुई ने बड़े निवेश का फैसला किया है। दरअसल, जापान एक दूरदर्सी देश है, और वह जान रहा है कि भारत में विकास की दिशा तय करने के लिए स्टील की डिमांड तेजी से बढ़ेगी, जिसे पूरा करना भारतीय कंपनियों के लिए बड़े लाभ का सौदा रहेगा, ऐसे में एमटीसी कंपनी जैसी कुछ ही कंपनिया देश में है, जिनके हाथ में ये बाजार रहेगा। वैसे भी, भारत का स्टील निर्माण उद्योग का भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में बड़ा योगदान है और यह सेक्टर अपनी उत्पादन क्षमता के तेज विस्तार की योजना बना रहा है। माना जा रहा है कि लंबी अवधि में मेटल स्क्रैप की डिमांड में भी तेज वृद्धि होने के अनुमान हैं, क्योंकि यह एक रीसाइकलिंग उद्योग है, जो स्क्रैप को फिर से नए रूप में ढ़ालकर नए उपयोग के लिए पेश करता है। ऐसे में एमटीसी जैसी मेटल रीसाइकलिंग कंपनी के लिए भारत अनंत संभावनाओं का देश है, जहां मेटल की जरूरतें लगातार जारी रहेंगी। इधर, भारत में एमटीसी बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड भी बहुत तेजी से अपने व्यवसायिक विस्तार की ओर कदम बढ़ाने के लिए अपने सभी ताकतवर नेटवर्क का सही दिशा में उपयोग कर रहा है। एमटीसी बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड ने अपने व्यावसायिक साथियों के साथ विश्वास के रिश्ते बनाये हैं। खास बात यह है कि, एमटीसी बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड ने एक्सपाइरी डेट पूरी कर चुके वाहनों के रीसाइक्लिंग क्षेत्र में बड़े पैमाने पर कदम बढ़ाने की योजना बनाई है, जिसमें आने वाले समय में महत्वपूर्ण वृद्धि देखने की उम्मीद है, और एमटीसी बिजनेस प्राइवेट लिमिटेड का लक्ष्य एक इंटिग्रेटेड रीसाइक्लिंग कंपनी के रूप में आगे बढऩे का है. जो आने वाले समय में बैटरियों सहित वेस्ट मेटिरियल को नए सिरे से रिसाइकल करने में सक्षम हो। भारत में बीते कई दशकों तक मेटल बिजनेस में जमे रहने की विरासत ने एमटीसी ग्रुप को मेटल निर्माण के क्षेत्र में कदम रखने के लिए प्रेरित किया और एमटीसी ग्रुप के चेयरमेन मगनलाल मेहता के नेतृत्व में आज एमटीसी ग्रुप स्ट्रक्चरल स्टील, एल्युमिनियम इनगॉट, कॉपर ट्यूब और उच्च गुणवत्ता वाले बिलेट्स के क्षेत्र में देश में अग्रणी और एक सम्मानित नाम है। अपने प्रोडक्ट्स की सर्वोच्च गुणवत्ता के विश्वसनीय उत्पादों की वजह से एमटीसी ग्रुप की पहचान है। ग्राहकों की संतुष्टि पर निरंतर ध्यान देने के साथ, एमटीसी की विभिन्न इकाइयां सुरक्षित और गैर-प्रदूषणकारी वातावरण में नवीनतम तकनीक का उपयोग करके लागत प्रभावी उत्पादों का निर्माण करती हैं। निरंतर विकसित होते रहने के साथ साथ वैश्विक बाजार में मेटल और अन्य मूल्यवान उत्पादों के लिए अत्याधुनिक व्यापार और विनिर्माण मंच बनना एमटीसी ग्रुप का सदा से ही ध्येय रहा है, इसी कारण जापान की विख्यात कंपनी मित्सुई ने भारतीय कंपनी एमटीसी में बड़े निवेश का फैसला किया है। जापान की सात दशक पुरानी कंपनी मित्सुई एंड कंपनी लिमिटेड 1960 के दशक से ही लौह धातुओं और कोयला जैसे क्षेत्र में कार्यरत है तथा वैश्विक स्तर पर संभावनाशील कंपनियों के साथ बाथ मिलाकर के विकास में अपनी भागीदारी दे रही है। मित्सुई ने मेटल रीसाइक्लिंग के क्षेत्र में तांबा, निकल, लिथियम और एल्युमीनियम जैसे अलौह धातुओं के विकास में भी अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी के माध्यम से उत्पाद के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाई है। मित्सुई की यह ताजा पहल, मीडियम मेनेजमेंट योजना 2026 में उसकी निर्धारित प्रमुख संभावित रणनीतिक पहल में से एक है।
- किड्स इंडिया एग्जीबिशन में आकर्षण का केंद्र रहा ओलंपिया गेम्स
शताब्दी गौरव नयी दिल्ली। प्रगति मैदान, दिल्ली में आयोजित ३ दिवसीय किड्स इंडिया एग्जीबिशन में ओलंपिया गेम्स एण्ड टॉयज् मुंबई का स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहा। यहा पर हजारों लोगों ने स्टॉल पर विजिट किया। ओलंपिया ग्रेम्स एण्ड टॉयज् प्रा.लि. के जुगराज मुठलिया के अनुसार हमारे स्टॉल को भारी प्रतिसाद मिला। श्री मुठलिया ने बताया कि ग्राहकों का संतोष ही हमारा ध्येय है। ललित मुठलिया, रविन्द्र मुठलिया एवं अभिषेक मुठलिया ने कहा कि एग्जीबिशन समाप्त होने के पश्चात पूरा स्टॉक दिल्ली के एक अनाथालय में आओ सभी को खुशीया बांटे इस तर्ज पर भेंट किया। बच्चों चेहरों पर मुस्कान देखकर खुशी हुई। For more Updates Do follow us on Social Media Facebook Page-https:// www.facebook.com/shatabdigaurav Instagram - https://www.instagram.com/shatabdigaurav/ Twitter-https:// twitter.com/shatabdigaurav
- बालराई में नूतन विद्यालय का हुआ लोकार्पण८ करोड की लागत से सुराणा परिवार ने करवाया निर्माण
बालराई । फार्मास्यूटिकल्स जगत में अग्रणी माइक्रो लैब्स लिमिटेड के दिलीप सुराणा व आनंद सुराणा ने 8 करोड़ की लागत से दो मंजिला आधुनिक सुविधाओं से सञ्जित विद्यालय भवन का अपनी मातृभूमि का निर्माण करवाया हैं।नए सत्र से पहली से 12 वीं तक की कक्षाएं चलेगी। पाली साण्डेराव हाइवे पर बने भंवरीबाई घेवरचंदजी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का लोकार्पण आचार्य जिनोत्तम सूरीश्वरजी म.सा., साध्वी अक्षयरसा जी की निश्रा में भवरीबाई सुराणा, डॉ. अर्चना दिलीप सुराणा, जयंत सुराणा परिवार ने किया।इस अवसर पर राजस्थान सरकार के मंत्री जोराराम कुमावत ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा क्षेत्र में भामाशाह सुराणा परिवार की ओर से किया गया यह कार्य सदैव याद रहेगा। कार्यक्रम में जैन संघ जैतपुरा, जैन संघ बालराई सहित अन्य संस्थाओं की ओर से विद्यालय निर्माता परिवार को सम्मानित किया गय कार्यक्रम में पूर्व नगर सभापति महेन्द्र बोहरा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नंदकिशोर राजोरा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी चंद्रप्रकाश जायसवाल, जिला शिक्षा अधिकारी राहुल पुरोहित, उत्तमचंद सुराणा, कमलेश सुराणा, निखिल सुराणा, भीमराज सुराणा, भवरलाल सुराणा, दिनेश सुराणा, चंद्रेश सुराणा, किरण सुराणा, राकेश सुराणा, सोहनराज सोनिगरा, संजय सांड, जिजयभाई शाह, महेश भंडारी, रमेश मेहता, सरपंच केसाराम कुमावत, गणपतसिंह बालराई सहित कई गणमान्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन ओमप्रकाश आचार्य फालना ने किया। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर, क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत, पाली सांसद पीपी चौधरी, मारवाड जंक्शन विधायक केसाराम चौधरी, पूर्व विधायक पाली ज्ञानचंद पारेख आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम में विद्यालय भवन में श्रुतदेवी माँ सरस्वती एवं भामाशाह घेवरचंदजी सुराणा की प्रतिमाओं का भी लोकार्पण किया गया। मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री दिलावर ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा से ही समाज में बदलाव लाया जा सकता है। शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी है। उन्होंने स्कूल में कला व कृषि संकाय खोलने की घोषणा भी की। मंत्री दिलावर ने विभिन्न संस्थाओं, संगठनों, व्यवसायियों, आमजन से पौधारोपण में सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय एवं पंचायतीराज विभाग के माध्यम से सहयोग किया जाएगा। भामाशाह दिलीप सुराणा ने 20 हजार पौधे लगाने की घोषणा की। ज्ञात रहे कि भवन में बने सभी 24 कमरों में फर्नीचर है। डिजिटल लैब, डिजिटल अध्ययन के लिए इंटरएक्टिव पैनल बोर्ड,सीसीटीवी कैमरों से लेकर प्रिंसिपल कक्ष, रिसेप्शन, कार्यालय, कर्मचारी रुम, लाइब्रेरी, तीन प्रयोगशालाएं, सभागार, खेलकूद रूम, मिड-डे कैटिन, स्टोर रुम सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है।
- प्रीमियम सामान निर्माता EUME ने आशीष कचोलिया केनेतृत्व में फंडिंग राउंड में जुटाए 15 करोड़ रुपये
शताब्दी गौरव मुंबई। प्रीमियम सामान निर्माता EUME ने आशीष कचोलिया के नेतृत्व में फंडिंग राउंड में 15 करोड़ रुपये जुटाए। फंड का उपयोग संचालन को सुव्यवस्थित करने, टीम का विस्तार करने, नवाचार को बढ़ावा देने, ऑफ़लाइन खुदरा उपस्थिति बनाने, प्रौद्योगिकी में निवेश करने और ब्रांड जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जाएगा। आज के टियर टू और टियर थ्री शहर प्रीमियम ब्रांडों से बहुत अच्छी तरह परिचित हैं। संस्थापक नयना पारेख ने शताब्दी गौरव को बताया कि EUME इस प्रकार के महत्वाकांक्षी लोगों को शामिल करना एक बहुत बड़ा विस्तार लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जाना भी हमारे लक्ष्यों में से एक है। ब्रांड की योजना इस साल मुंबई में अपना पहला फ्लैगशिप स्टोर खोलने की है। पारेख ने कहा, ब्रांड रिकॉल, विश्वास और वफादारी हैं जो खरीदारी क्षमता को बढ़ावा देता हैं। 2018 में स्थापित, मुंबई स्थित ब्रांड एक विविध उत्पाद पोर्टफोलियो प्रदान करता है, जिसमें सामान, बैकपैक, शाकाहारी हैंडबैग और सहायक उपकरण शामिल हैं। अगस्त 2023 में क्रिसिल के एक संशोधन के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में भारत के सामान उद्योग के राजस्व में साल-दर-साल (YoY) लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। पिछले वित्तीय वर्ष में 40 प्रतिशत के उच्च आधार प्रभाव के बावजूद यह वृद्धि अपेक्षित है। यह वृद्धि पर्यटन और कॉर्पोरेट यात्रा में निरंतर वृद्धि के साथ-साथ संगठित क्षेत्र द्वारा निर्मित कठिन सामान की बढ़ती स्वीकार्यता से प्रेरित है। पारेख ने कहा, कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के अंत तक 65-70 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में, इसकी बिक्री इसकी अपनी वेबसाइट और बाज़ारों के बीच समान रूप से विभाजित रहेगी। निवेश पर टिप्पणी करते हुए, आशीष कचोलिया ने कहा, यूम के अत्याधिक कार्यात्मक उत्पादों ने उन्हें प्रमुख खुदरा विक्रेताओं की अलमारियों पर जगह दिलाई है, जो कि उनके जीवन चक्र में असाधारण क्षमता प्रदर्शित करने वाले होनहार चुनौतीपूर्ण ब्रांडों का समर्थन करने की हमारी रणनीति के अनुरूप है।














