मुंबई में भूमि प्रशासन सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण पहलदोनों कलेक्टरेट और रियल एस्टेट संगठनों की बैठक में एसओपी आधारित प्रक्रिया पर सहमति
- Yogi Bhandari
- Mar 6
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मुंबई। भूमि प्रशासन में समन्वय और सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुंबई शहर की जिलाधिकारी आंचल गोयल और मुंबई उपनगरीय जिलाधिकारी सौरभ कटियार ने क्रेडाई-एमसीएचआई के अध्यक्ष सुखराज नाहर की पहल पर रियल एस्टेट क्षेत्र के प्रमुख संगठनों के साथ संयुक्त बैठक की। बैठक में क्रेडाई-एमसीएचआई, नारेडको, बीडीए और पीटा के प्रतिनिधियों की संयुक्त टास्क फोर्स तथा दोनों कलेक्टरेट के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में उद्योग द्वारा लंबे समय से लंबित मुद्दों - रॉयल्टी की लागूता, प्रक्रियात्मक देरी, सर्वेक्षणों की दोहराव और अनुमोदन समयसीमा - पर विस्तृत चर्चा हुई। जिलाधिकारी आंचल गोयल ने इन मुद्दों को गंभीर बताते हुए कहा कि दोनों कलेक्टरेट स्पष्ट एवं एसओपी आधारित तंत्र अपनाने को प्रतिबद्ध हैं, जो प्रक्रियाओं को सरल बनाएंगे, अस्पष्टता दूर करेंगे तथा कानूनी अनुपालन के साथ एकरूपता सुनिश्चित करेंगे। जिलाधिकारी सौरभ कटियार ने कहा कि दोनों कलेक्टरेट का एक मंच पर आना समन्वित शासन और एकसमान निर्णय प्रक्रिया को मजबूत करेगा। उन्होंने एकीकृत भौतिक सर्वेक्षण, संयोजन एवं उपविभागन प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने तथा भूमि रिकॉर्ड में पारदर्शिता बढ़ाने जैसे सुझावों की जांच संरचित संस्थागत तंत्र से करने का आश्वासन दिया।

क्रेडाई-एमसीएचआई सचिव रुशी मेहता के नेतृत्व में हुई चर्चा में खुदाई की मिट्टी पर रॉयल्टी, विशेष रूप से प्रोजेक्ट साइट के अंदर ही उपयोग होने वाली सामग्री से छूट, वैधता अवधि की छोटी सीमा, मात्रा गणना में त्रुटियां तथा अनुमोदन देरी जैसे विषय प्रमुख रहे। दोनों जिलाधिकारियों ने इनके लिए सरलीकृत एवं समयबद्ध एसओपी शीघ्र लागू करने का वादा किया। संयोजन एवं उपविभागन प्रस्तावों में हो रही लंबी देरी को कम करने के लिए भी विशेष एसओपी तैयार करने पर सहमति बनी। सबसे महत्वपूर्ण सुधार के रूप में एकल एकीकृत भौतिक सर्वेक्षण की व्यवस्था पर विचार हुआ, जो एनए अनुमति, सीमांकन, संयोजन/उपविभागन तथा सुविधाओं के हस्तांतरण जैसे विभिन्न उद्देश्यों के लिए उपयोगी होगा, जिससे बार-बार साइट विजिट और दोहराव समाप्त हो सकेगा।
उद्योग की प्रतिक्रिया : क्रेडाई-एमसीएचआई अध्यक्ष सुखराज नाहर ने कहा, आज उठाए गए मुद्दे वास्तविक और लंबे समय से लंबित हैं। दोनों कलेक्टरेट की एसओपी आधारित प्रक्रियाओं, एकीकृत सर्वेक्षण तथा स्टीयरिंग कमिटी गठन की प्रतिबद्धता व्यावसायिक सुगमता बढ़ाने और पारदर्शिता मजबूत करने की साझा मंशा को दर्शाती है। नारेडको के निर्वाचित अध्यक्ष कमलेश ठाकुर ने इसे सहयोगी नीति निर्माण की दिशा में निर्णायक कदम बताया। बीडीए अध्यक्ष विक्रम मेहता तथा पीटा अध्यक्ष संदीप इसोरे ने एकीकृत प्रक्रियाओं से प्रक्रियात्मक अतिरेक एवं परिचालन देरी में कमी आने की उम्मीद जताई। बैठक के बाद संयुक्त टास्क फोर्स ने निरंतर संवाद जारी रखने तथा ठोस सुधार सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसके लिए एक स्टीयरिंग कमिटी गठित की जाएगी, जिसमें कलेक्टर कार्यालय तथा संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। यह कमिटी प्रक्रियात्मक अड़चनों पर विचार करेगी तथा नीतिगत बदलाव सुझाएगी, जिन्हें कलेक्टर स्तर पर लागू किया जाएगा या राज्य सरकार को अनुशंसा की जाएगी। यह पहल मुंबई के रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, दक्षता और व्यावसायिक सुगमता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।












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