संघ रत्न सम्मान-2026 से सम्मानित हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू भूरट

उदयपुर। श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी शान्त-क्रान्ति जैन श्रावक संघ का 30वां राष्ट्रीय 2 दिवसीय अधिवेशन धर्मधरा ब्यावर में भव्यता, गरिमा एवं ऐतिहासिकता के साथ सम्पन्न हुआ।
देशभर से पधारे संघ के पदाधिकारियों, प्रतिनिधियों एवं श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति में आयोजित इस दो दिवसीय अधिवेशन के प्रथम दिन वर्धमान कॉलेज के सभागार में संघ नवरत्न एवं संघ भूषण सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में संघ के प्रति समर्पण, निष्ठा, सेवाभाव एवं उल्लेखनीय योगदान को सम्मानित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष राजू भूरट, होसपेट को प्रतिष्ठित संघ रत्न सम्मान-2026 से अलंकृत किया गया। राजू भूरट एवं उनकी धर्मसहायिका श्रीमती मधुरा भूरट को संयुक्त रूप से इस सम्मान से अलंकृत किया गया।
सम्मान समारोह का वातावरण उस समय विशेष गौरवमयी हो उठा, जब संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं गणमान्य महानुभावों ने राजू भूरट एवं श्रीमती मधुरा भूरट का आत्मीय अभिनंदन करते हुए उन्हें माला पहनाई, शॉल ओढ़ाकर एवं संघ रत्न सम्मान भेंट कर बहुमान किया। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति विशेष की उपलब्धियों का अभिनंदन नहीं, बल्कि संघीय परम्पराओं, समर्पित सेवाभाव, संघ के प्रति अटूट निष्ठा का भी सम्मान रहा।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर आधार संघ संरक्षक एवं नव मनोनीत राष्ट्रीय अध्यक्ष ताराचंद कर्णावट, आधार संघ संरक्षक राजेन्द्र कर्णावट, इंदर सिंह मेहता, हेमन्त कोठारी, जवरीलाल बोहरा, नवरतन सांड, सिद्धार्थ कर्णावट, संघ संरक्षक प्रेमराज सोमावत, हिम्मत सिंह मेहता, नरेन्द्र हिंगड़, शांतिलाल कोठारी, केशरीचंद सावा, राष्ट्रीय महामंत्री सी.ए. विरेन्द्र जैन, युवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सपन कांकरिया, महामंत्री पंकज संचेती, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक जैन, ओमप्रकाश लूणावत, श्रमण संस्कृति के प्रधान सम्पादक एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नेमीचंद कोठारी, ब्यावर श्रीसंघ के अध्यक्ष सम्पतराज ढेड़िया, मंत्री कमल छल्लाणी सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
समारोह में उपस्थित सभी महानुभावों ने भूरट दम्पति के प्रति सम्मान एवं शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल संघीय योगदान की सराहना की। सम्मान प्राप्ति का यह क्षण उनके लिए ही नहीं, बल्कि उपस्थित समस्त संघजनों के लिए भी हर्ष, गौरव एवं आत्मीयता का अवसर बना। समारोह में सम्मान की गरिमा और संघीय एकजुटता का सुंदर संगम देखने को मिला। उल्लेखनीय है कि अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी शान्त-क्रान्ति जैन श्रावक संघ द्वारा प्रतिवर्ष संघ की श्रेष्ठ उपलब्धियों, उल्लेखनीय सेवाओं, समर्पण एवं विशिष्ट योगदान के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में संघ नवरत्नों का चयन किया जाता है। इस सम्मान परम्परा का मूल उद्देश्य संघ के प्रति निस्वार्थ भाव से समर्पित व्यक्तित्वों की सेवाओं को पहचान देना, उनका सार्वजनिक अभिनंदन करना तथा अन्य संघजनों को भी सेवा, सहयोग एवं समर्पण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देना है।
संघ रत्न सम्मान-2026 से राजू भूरट एवं श्रीमती मधुरा भूरट का संयुक्त अलंकरण इसी गौरवशाली परम्परा का महत्वपूर्ण उदाहरण रहा। 30वें राष्ट्रीय अधिवेशन के इस भव्य आयोजन में हुआ यह सम्मान समारोह निश्चित रूप से संघ के इतिहास में एक स्मरणीय एवं प्रेरणादायी प्रसंग के रूप में याद किया जाएगा।
National President Raju Bhurat honoured with Sangh Ratna Samman-2026
Udaipur. The 30th national two-day convention of Shri Akhil Bharatvarshiya Sadhumargi Shanta-Kranti Jain Shravak Sangh concluded with grandeur, dignity and a sense of history at Beawar, the land of dharma.