इंदौर। त्योहार की खुशियां बांटना आसान है, लेकिन उन खुशियों को किसी की जिंदगी में बदलाव की वजह बनाना असली सेवा है। इसी सोच के साथ जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) की इंदौर यूथ विंग ने ‘जीतो सेवा दिवाली’ के जरिए सेवा को उत्सव से जोड़ा। आयोजन में इंदौर और आसपास के अनाथ आश्रमों के 3000 से अधिक बच्चे शामिल हुए। उनके चेहरों पर मुस्कान लाने के साथ उनकी पढ़ाई और भविष्य को बेहतर बनाने के लिए भी पहल की गई। इस पहल ने समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देते हुए सेवा की नई मिसाल पेश की।
रितेश देशमुख
बच्चों की शिक्षा और कौशल विकास के लिए नई पहल
पांच ई-लाइब्रेरी और दो स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाने का संकल्प, स्कूल फीस में सहायता की योजना और बच्चों को जरूरी शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी इस आयोजन को खास बनाती है। कनाड़िया रोड स्थित स्नेहजीव पैराडाइज में हुए कार्यक्रम में बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख और अभिनेत्री जेनेलिया डिसूजा भी शामिल हुए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और ड्रोन शो ने आयोजन को यादगार बनाया, लेकिन इसका सबसे बड़ा उद्देश्य बच्चों को खुशियों के साथ आगे बढ़ने के अवसर देना रहा।
जेनेलिया देशमुख
खुद पर विश्वास रखें, अपनी प्रतिभा पहचानें
रितेश देशमुख ने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि 12वीं के बाद उन्होंने पांच साल तक आर्किटेक्चर की पढ़ाई की, न्यूयॉर्क में काम किया और अपनी फर्म भी शुरू की। इसके बाद उन्हें फिल्मों में काम करने का अवसर मिला। वहीं, जेनेलिया देशमुख ने बच्चों को सकारात्मक सोच अपनाने, खुद पर विश्वास रखने और अवसरों को खुले मन से स्वीकार करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि हर बच्चे में कोई न कोई खास प्रतिभा होती है। दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी खूबियों को पहचानकर खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
असफलताओं से सीखें, कोशिश करना कभी न छोड़ें
बच्चों के सपनों को उड़ान देने के लिए कभी-कभी एक प्रेरक बात ही काफी होती है। सही मार्गदर्शन, खुद पर विश्वास और असफलताओं से सीखने का हौसला जिंदगी की दिशा बदल सकता है। ‘दोगुनी रोशनी, दोगुनी खुशी’ विषय पर अभिनेता रितेश देशमुख और अभिनेत्री जेनेलिया देशमुख ने बच्चों से संवाद करते हुए उन्हें कोशिश जारी रखने का संदेश दिया। रितेश ने कहा कि असफलताएं कई बार सफलता से ज्यादा सिखाती हैं। कोशिश नहीं करने का पछतावा जिंदगीभर रह सकता है, इसलिए हर अवसर को सीखने और खुद को साबित करने का मौका समझना चाहिए।
सेवा के साथ बच्चों को प्रेरित करने की पहल
दोनों कलाकारों ने ‘जियो और जीने दो’ का संदेश देते हुए कहा कि हर जीव का जीवन अनमोल है। सभी के प्रति दया, सम्मान और संवेदना का भाव रखना चाहिए। जीतो यूथ विंग इंदौर की ‘जीतो सेवा दिवाली’ पहल का उद्देश्य बच्चों के बीच खुशियां बांटने के साथ उन्हें जीवन के सकारात्मक मूल्यों से जोड़ना भी है। मनोरंजन जगत की हस्तियों से संवाद बच्चों के लिए यादगार अनुभव बना। यह पहल बच्चों में आत्मविश्वास जगाने, उनके सपनों को प्रोत्साहित करने और भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में सार्थक कदम है।
सेवा के साथ बच्चों को मिला अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका
बच्चों को तिलक
जीतो सेवा दिवाली कार्यक्रम में बच्चों ने डांस, सिंगिंग और एक्टिंग के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाई। मंच पर उनका उत्साह और आत्मविश्वास आयोजन की खास पहचान बना। जीतो यूथ विंग ने बच्चों को ऐसा माहौल देने की कोशिश की, जहां वे खुलकर अपनी कला दिखा सकें और खुद को खास महसूस करें। बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख और अभिनेत्री जेनेलिया डिसूजा की मौजूदगी ने बच्चों के लिए इस दिन को और यादगार बना दिया। वहीं, आकर्षक ड्रोन शो ने उत्सव में चार चांद लगाए। इस तरह कार्यक्रम में मनोरंजन के साथ बच्चों को प्रोत्साहन और अपनापन देने पर भी जोर रहा।
जीतो यूथ विंग: युवा शक्ति, सामाजिक सरोकार और सेवा का मजबूत मंच
प्रतीक सूर्या
जीतो यूथ विंग, इंदौर ने अपने सेवा कार्यों और सामाजिक सरोकारों के जरिए देश के सक्रिय युवा संगठनों में खास पहचान बनाई है। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) की यह विंग पिछले पांच वर्षों से ‘जीतो सेवा दिवाली’ के माध्यम से त्योहार को खुशियां बांटने और जरूरतमंद बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने का अवसर बना रही है। इस पहल का उद्देश्य दिवाली की खुशियों को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना और युवाओं को सेवा, संवेदना व सामाजिक सहभागिता से जोड़ना है। इस आयोजन के प्रति लोगों का जुड़ाव लगातार बढ़ रहा है। पिछले वर्ष जहां करीब 2000 बच्चे ‘जीतो सेवा दिवाली’ का हिस्सा बने थे, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 3000 से अधिक हो गई है। बच्चों की बढ़ती भागीदारी इस पहल की स्वीकार्यता और इसके सामाजिक प्रभाव को दर्शाती है। जीतो यूथ विंग का प्रयास है कि त्योहार की खुशियां केवल कुछ लोगों तक सीमित न रहें, बल्कि अधिक से अधिक बच्चों को भी उत्सव का हिस्सा बनने और यादगार पल जीने का अवसर मिले।
आयोजकों और अतिथियों के विचार
प्रखर मेहता, चेयरमैन, जीतो यूथ विंग, इंदौर
एक दिन की खुशी नहीं, भविष्य बदलने की कोशिश
जीतो यूथ विंग, इंदौर के चेयरमैन प्रखर मेहता ने बताया कि इस पहल का फोकस बच्चों को केवल त्योहार की खुशियां देने तक सीमित नहीं है। हमारे संगठन ने बच्चों की शिक्षा, जरूरतों और कौशल विकास को ध्यान में रखते हुए लंबे समय तक काम आने वाली सुविधाएं जुटाने का संकल्प लिया है। पांच ई-लाइब्रेरी और दो स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाने की योजना इसी दिशा में उठाया गया कदम है। ई-लाइब्रेरी के जरिए बच्चों को पढ़ाई के लिए डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने और स्किल डेवलपमेंट सेंटर के माध्यम से उन्हें नए हुनर सीखने के अवसर देने का लक्ष्य है। इसके साथ ही जरूरत के अनुसार मॉनिटर, डेस्क और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना भी है। तीन हजार से अधिक बच्चों की स्कूल फीस में सहायता देने की पहल भी इसी सेवा अभियान का हिस्सा है। इन प्रयासों का उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई में आने वाली मुश्किलों को कम करना और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए बेहतर अवसर देना है।
ऋषभ मोदी, सेक्रेटरी, जीतो यूथ विंग, इंदौर
खुशियों का उजाला, जो लंबे समय तक साथ रहे
जीतो यूथ विंग, इंदौर के सेक्रेटरी ऋषभ मोदी ने बताया कि तीन हजार से अधिक बच्चों तक खुशियां पहुंचाने वाली यह पहल केवल दिवाली का उपहार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को सेवा और जिम्मेदारी का एक महत्वपूर्ण संदेश भी देती है। सेवा का वास्तविक अर्थ सिर्फ किसी की मौजूदा जरूरत को पूरा करना नहीं, बल्कि उसके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए अवसर उपलब्ध कराना भी है। जीतो यूथ विंग, इंदौर का प्रयास है कि बच्चों के चेहरों पर दिवाली की मुस्कान लाने के साथ उनके जीवन में शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की नई संभावनाएं भी जुड़ें। बच्चों को बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के अवसर देना ही इस पहल का व्यापक उद्देश्य है। यह अभियान त्योहार की खुशियों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ता है और बताता है कि दिवाली की सार्थकता केवल घरों को रोशन करने में नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों के जीवन में उम्मीद, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य की नई किरण जगाने में भी है।
मयंक दोषी
देश के भविष्य को संवारने की पहल
जीतो यूथ विंग इंदौर की सेवा दिवाली केवल बच्चों के साथ त्योहार मनाने का आयोजन नहीं, बल्कि देश के भविष्य को संवारने की सार्थक पहल है। बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए किया जा रहा प्रयास उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर देता है। सही मार्गदर्शन और सहयोग से यही बच्चे कल समाज और राष्ट्र की मजबूत नींव बनेंगे।
टीना जैन
खुशियां बांटना ही सार्थक दिवाली
दिवाली का अर्थ केवल अपने घर में दीप जलाना नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में भी खुशियों का प्रकाश फैलाना है। जीतो सेवा दिवाली इसी भावना को साकार करती है। जरूरतमंद बच्चों के साथ त्योहार मनाना और उनके भविष्य के लिए सहयोग देना सिखाता है कि हमारी खुशियां तभी पूरी होती हैं, जब उनमें दूसरे भी सहभागी बनें।
हिमांशु शाह
बच्चों की मुस्कान से सार्थक हुई दिवाली
दिवाली का वास्तविक आनंद दूसरों के चेहरों पर मुस्कान लाने में है। जीतो सेवा दिवाली में बच्चों की खुशी देखकर महसूस होता है कि त्योहार मनाने का इससे बेहतर तरीका नहीं हो सकता। बच्चों की शिक्षा का दायित्व उठाने की पहल उनके भविष्य को संवारने के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने वाली है। यही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है।
प्रमोद चोरड़िया
खुशियां बांटने से बढ़ता है त्योहार का आनंद
जीतो सेवा दिवाली में हर वर्ष बच्चों की बढ़ती भागीदारी इस आयोजन की लोकप्रियता और सकारात्मक प्रभाव को दर्शाती है। त्योहारों की असली खुशी दूसरों के साथ खुशियां बांटने में है। जीतो की यह पहल जरूरतमंद बच्चों को बेहतर भविष्य की उम्मीद देने के साथ समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को भी मजबूत कर रही है।
उज्ज्वल पगारिया
युवाओं की पहल समाज के लिए प्रेरणा
जीतो यूथ विंग जिस उत्साह और समर्पण के साथ सेवा दिवाली का आयोजन कर रही है, वह प्रेरणादायक है। बच्चों में प्रतिभा और आगे बढ़ने का उत्साह देखकर विश्वास होता है कि उचित अवसर और मार्गदर्शन से वे नई ऊंचाइयां हासिल कर सकते हैं। युवाओं की ऐसी सकारात्मक पहल समाज में सार्थक बदलाव लाने की क्षमता रखती है।
कमलेश सोजतिया
सेवा और करुणा से मिलती है सच्ची खुशी
दया, सेवा, करुणा और परोपकार ही जीवन को सार्थक बनाते हैं। जीतो की युवा विंग ने इन्हीं मूल्यों को आधार बनाकर सेवा दिवाली को एक प्रेरणादायक अभियान का रूप दिया है। जरूरतमंद बच्चों के जीवन में खुशियां लाने और उनकी शिक्षा में सहयोग करने का यह प्रयास समाज के लिए अनुकरणीय है। बच्चों की मुस्कान ही इसका सबसे बड़ा पुरस्कार है।
हितेंद्र मेहता
आयोजन के लिए सेवा और समर्पण जरूरी
इस वर्ष कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाने का अफसोस जरूर है, लेकिन जीतो सेवा दिवाली की सफलता से मन प्रसन्न है। युवाओं का समर्पण और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनका प्रयास प्रशंसनीय है। यह आयोजन साबित करता है कि जब त्योहारों के साथ सेवा और संवेदनशीलता जुड़ती है, तो खुशियां कई गुना बढ़ जाती हैं।
दिलीप सी. जैन
बच्चों की खुशी ही सबसे बड़ा उपहार
दिवाली पर हम एक-दूसरे को अनेक उपहार देते हैं, लेकिन किसी जरूरतमंद बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाना सबसे अनमोल उपहार है। जीतो सेवा दिवाली बच्चों को खुशियां देने के साथ उनके सपनों को नई उड़ान देने का प्रयास है। युवा विंग का समर्पण और सेवा भाव समाज में सहयोग की प्रेरणा जगाता है।
JITO Youth Wing Indore’s Seva Diwali wins the hearts of 3,000 children
More than 3,000 children took part in ‘JITO Seva Diwali’, organised by the Indore Youth Wing of Jain International Trade Organisation (JITO). Riteish and Genelia Deshmukh encouraged the children.