जैन समाज के आर्थिक सशक्तिकरण की ऐतिहासिक पहल, 51 करोड़ की सहायता का पहला चरण शुरू
300 महिलाओं को महासती चंदनबाला कर्ज योजना का लाभ, 511 युवाओं को स्वरोजगार के लिए मिली प्राथमिक मंजूरी

मुंबई। जैन समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में जैन अल्पसंख्यक विकास आर्थिक महामंडल ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 51 करोड़ रुपये की सहायता वितरण प्रक्रिया के पहले चरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 1 नवंबर 2026 को घाटकोपर में भव्य कर्ज वितरण समारोह आयोजित किया गया।

समारोह राष्ट्रसंत परम गुरुदेव श्री नम्रमुनि महाराज साहेब, प. पू. श्री यशकल्याण विजय महाराज साहेब, पूज्य भट्टारक श्री लक्ष्मीसेन महास्वामीजी, क्षुल्लिका रत्न 105 श्री विस्मितश्री माताजी एवं श्री विगम्यश्री माताजी सहित विभिन्न जैन परंपराओं के संतों के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष शेलार, मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा, विधायक पराग शाह तथा महामंडल के अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त ललित गांधी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों की उपस्थिति में महामंडल की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लोकार्पण किया गया।

इस अवसर पर महासती चंदनबाला कर्ज योजना के अंतर्गत 300 महिलाओं को धनादेश प्रदान किए गए, वहीं सेठ वालचंद हीराचंद स्वरोजगार योजना के तहत 511 युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्राथमिक मंजूरी पत्र वितरित किए गए।
यह पहल जैन समाज के जरूरतमंद परिवारों, महिलाओं एवं युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ उन्हें रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कार्यक्रम का संचालन महामंडल के समन्वयक संदीप दादा भंडारी ने किया।
Historic initiative for economic empowerment of the Jain community: first phase of Rs 51 crore assistance begins
The Jain Minority Development Financial Corporation launched the first phase of distributing Rs 51 crore in assistance at Ghatkopar. 300 women received loans and 511 youths got preliminary approval for self-employment.