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ठाकुरद्वार में आचार्य श्री विश्वरत्नसागर सूरीश्वरजी द्वारा महामांगलिक – महामांगलिक के संपूर्ण लाभार्

शताब्दी गौरव

मुंबई। ठाकुरद्वार जैन श्वेतांबर श्री संघ के तत्वावधान में महाप्रभावकारी महामांगलिक, का आयोजन श्री माधव बाग, हॉल सीपी टैंक, ठाकुरद्वार में गुरु श्री नवरत्नसागर सूरीजी के परम कृपा पात्र शिष्य सर्वधर्म दिवाकर आचार्यदेव श्री विश्वरत्न सागर सूरीश्वरजी महाराज के मुखारबिंद से संपन्न हुआ। महामांगलिक का श्रवण करने हजारों की संख्या में जन सैलाब उमड़ा, जिसमें जैन अजैन कई लोगों ने इस महामांगलिक में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर पूज्य गुरुदेव श्री के द्वारा प्रदत्त की जाने वाली महामांगलिक का श्रवण लगातार दो घंटों तक किया। गुरुदेव श्री से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ था, वहीं अपने संकटों का नाश करने वाली इस महाप्रभावशाली महामांगलिक में मुंबई एवं मालवा राजस्थान, गुजरात आदि कई राज्यों से लोग उपस्थित हुए।


गुरुदेव श्री द्वारा जो मंत्रों का उच्चारण और विभिन्न मुद्राओं के माध्यम से उपस्थित जन समुदाय में अंतस में ऊर्जा और शक्ति जाग्रत की जिसे उपस्थित जन समुदाय ने महसूस किया। इस महामांगलिक सभी ने ध्यान पूर्वक सुना। महामांगलिक के लाभार्थी श्रीमती रेखाबेन कांतिलालजी शाह परिवार तखतगढ़ मुंबई अंसा ज्वेलर्स प्रा. लि. थे। वहीं प्रथम गुरु पूजन एवं प्रथम वाक्षेप का चढ़ावा श्रीमती मुंगीदेवी वीरचंदजी मुथा चित्तलवाणा हाल मुंबई ने लाभ लिया।


झालावाड़ के संगीतकार लाला मस्ताना ने भक्ति की गंगा बहाई। कार्यक्रम का ओजस्वी संचालन भरत एन. कोठारी ने किया। इस अवसर पर 35-35 कल्याण भूमि के अध्यक्ष कमलसिंह रामपुरिया कोलकत्ता से पूरे ट्रस्ट मंडल के साथ उपस्थित रहे। 2024 में विख्यात तीर्थ शिखरजी के रक्षक देव श्री भोमियाजी महाराज का मंदिर की भव्यतम प्रतिष्ठा कराने की विनती गुरुदेव से की। इस अवसर पर गणपत कोठारी, दिनेश जैन, ललित जगावत, नरेंद्र भंडारी, हिराचंद गुलेच्छा, प्रशांत झवेरी, डॉ. विनोद कोठारी, भरत बाफना सहित के कई गणमान्य महानुभाव उपस्थित थे। ज्ञात रहे कि आचार्य श्री के मुखारबिंद से महामांगलिक सुनने के लिए उपस्थित श्रद्धालुओं ने कहा कि लगातार पांच महामांगलिक सुनने से कई की बीमारी दुख तकलीफ और पैसों आदि से जुड़ी कई चिंताएं दूर हो रही हैं। पूज्य गुरुदेव श्री महामांगलिक प्रदान उन विशिष्ट मत्रोच्चार से सिद्ध वाक्षेप प्रदान करते हैं, जिससे सबके बिगड़े काम बनने लगे हैं। महामांगलिक सुनने के लिए मुंबई सहित मालवा, राजस्थान, कोलकाता, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, गुजरात, बेंगलुरु, चेन्नई सहित कई राज्यों से श्रद्धालु गुरुभक्त उपस्थित रहते है।



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